Mamata banerjee

SIR पर ममता बनर्जी का तीखा हमला: “यह वोटबंदी है, सुपर इमरजेंसी का नया रूप”

कोलकाता | 11 नवंबर 2025 — पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जा रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को ‘वोटबंदी’ करार देते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया।

उन्होंने कहा कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार इस प्रक्रिया के ज़रिए लोगों को परेशान कर रही है, और अगर वह इसके खिलाफ बोलती हैं तो उन्हें जेल भेजा जा सकता है या उनका गला भी काटा जा सकता है

🗣️ ममता बनर्जी के बयान की मुख्य बातें

  • SIR = वोटबंदी:

    “जैसे नोटबंदी में मुद्रा को चलन से बाहर किया गया, वैसे ही SIR वोटबंदी है।”

  • सुपर इमरजेंसी का रूप:

    “यह लोकतंत्र पर अंकुश लगाने की कोशिश है।”

  • चुनाव से पहले SIR की जल्दबाज़ी पर सवाल:

    “मतदाता सूची का पुनरीक्षण दो-तीन महीने में नहीं हो सकता।”

  • भाजपा पर आरोप:

    “लोगों को डराया जा रहा है, मताधिकार छीना जा रहा है।”

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव से ठीक पहले एसआईआर कराने की इतनी जल्दी मुझे समझ नहीं आ रही। निर्वाचन आयोग को यह प्रक्रिया तुरंत बंद करनी चाहिए।

मतदाता सूची का पुनरीक्षण दो या तीन महीने में पूरा नहीं हो सकता। इसे जबरन अंजाम दिया जा रहा है। उन्होंने सरकार से लोगों के मताधिकार पर अंकुश नहीं लगाने की अपील की।

⚖️ कानूनी मोर्चे पर हलचल

  • पश्चिम बंगाल कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है
  • कलकत्ता हाई कोर्ट में भी जनहित याचिका लंबित है
    • मांग:
      • SIR की समयसीमा बढ़ाई जाए
      • प्रक्रिया की न्यायिक निगरानी हो
    • कोर्ट ने चुनाव आयोग से हलफनामा मांगा है
मुख्यमंत्री ने जीएसटी की आलोचना की और इसे एक भूल बताया और कहा कि इसे वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार जनता को जीएसटी के नाम पर लूट रही है।

💰 GST पर भी हमला

  • ममता ने GST को एक भूल बताया
  • आरोप:

    “केंद्र सरकार GST के नाम पर जनता को लूट रही है”

  • उन्होंने इसके वापसी की मांग की

बता दें कि पश्चिम बंगाल प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य में मतदाता सूचियों के एसआईआर में राहत की मांग करते हुए सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह मामला सोमवार को जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की बेंच के सामने पेश किया गया।

वकील ने कि याचिका को मंगलवार को सूचीबद्ध किए जाने का यह कहते हुए अनुरोध किया कि अन्य राज्यों में एसआईआर को चुनौती देने वाली कई याचिकाओं पर कल सुनवाई होनी है।

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