खड़गपुर ब्यूरो | 08 सितम्बर 2026: पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में बाढ़ और गंगा नदी के कटाव ने हालात बेहद मुश्किल कर दिए हैं। मानिकचक और रतुआ इलाके सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं।
रतुआ की चार ग्राम पंचायतों में करीब 80 हजार लोगों के बाढ़ की चपेट में आने की बात सामने आई है। कई जगह सड़कें पानी में डूबी हुई हैं। स्थानीय स्वास्थ्य केंद्र और एक ग्राम पंचायत कार्यालय में भी बाढ़ का पानी घुस गया है।
भुटनी दियारा में कटाव का संकट
भूतनी इलाके में बांध टूटने के बाद 100 से ज्यादा गांव प्रभावित हुए हैं। लगातार हो रहे नदी कटाव ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। भुटनी दियारा में कई परिवारों के घर और खेत नदी के कटाव की भेंट चढ़ चुके हैं।
एक महिला ने आईएएनएस से अपनी आपबीती बताते हुए कहा कि उनका घर कट गया है। अब उनके पास न रहने की जगह है और न ही खाने का इंतजाम। घर का सामान पानी में बह रहा है और सुबह से उन्होंने कुछ नहीं खाया।
उनके चार बच्चे हैं। उन्होंने स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मदद नहीं मिलने की शिकायत की और घर बनाने के लिए जमीन तथा खाने-पीने की व्यवस्था की मांग की।
स्थानीय निवासी का दावा
एक बुजुर्ग स्थानीय निवासी ने बताया कि भुटनी दियारा के कई टोले और गांव नदी कटाव से प्रभावित हुए हैं। बड़ी संख्या में लोगों के घरों में पानी घुस गया है। उन्होंने करीब ढाई लाख लोगों के प्रभावित होने का दावा किया।
उन्होंने कहा कि हर साल कटाव के बाद मरम्मत पर करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन दियारा क्षेत्र की स्थायी समस्या का समाधान नहीं हो पाया।
1972 से अब तक कई सरकारों के कार्यकाल का जिक्र करते हुए उन्होंने स्थायी हल न होने पर निराशा जताई। हालांकि, वर्तमान सरकार ने लोगों को मदद का भरोसा दिया है।
निष्कर्ष:
मालदा में बाढ़ और गंगा कटाव ने हजारों लोगों की जिंदगी अस्त-व्यस्त कर दी है। प्रभावित परिवार तुरंत राहत, रहने की व्यवस्था और स्थायी समाधान की उम्मीद लगाए बैठे हैं।
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