मकर संक्रांति 2022 विशेष… एवं सभी राशियों पर इसका प्रभाव

पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री, वाराणसी : मकर संक्रांति की तिथि को लेकर अगर आप भ्रमित हैं तो इस लेख को ध्यान से पढ़ें। मकर संक्रांति पर इस साल लोग दो तिथियों को लेकर असमंजस में हैं। अपने संशय को दूर करने के लिए यह जान लें कि मकर संक्रांति तब शुरू होती है जब सूर्य देव राशि परिवर्तन कर मकर राशि में पहुंचते हैं। इस बार सूर्य देव 14 जनवरी की दोपहर 2 बजकर 27 मिनट पर गोचर कर रहें हैं‌। ज्योतिष के अनुसार सूर्य अस्त से पहले यदि मकर राशि में सूर्य प्रवेश करते हैं, तो इसी दिन पुण्यकाल रहेगा। 16 घटी पहले और 16 घटी बाद का पुण्यकाल विशेष महत्व रखता है।

मकर संक्रांति मुहूर्त : मकर संक्रांति का पुण्यकाल मुहूर्त सूर्य के संक्रांति समय से 16 घटी पहले और 16 घटी बाद का पुण्यकाल होता है। इस बार पुण्यकाल 14 जनवरी को सुबह 7 बजकर 15 मिनट से शुरू हो जाएगा, जो शाम को 5 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। ऐसे में मकर संक्रांति 14 जनवरी को ही मनाया जाएगा। इस दिन स्नान, दान, जाप कर सकते हैं। वहीं स्थिर लग्न यानि महापुण्य काल मुहूर्त की बता करें तो यह मुहूर्त 9 बजे से 10 बजकर 30 मिनट तक रहेगा।

शुक्रवार 14 जनवरी को मकर संक्रांति है। सूर्य के उत्तरायण का दिन। शुभ कार्यों की शुरुआत। इस दिन नदियों में स्नान और दान का बहुत महत्व बताया गया है। इस दिन से देश में दिन बड़े और रातें छोटी हो जाती हैं। शीत ऋतु का प्रभाव कम होने लगता है। मकर संक्रांति का पौराणिक महत्व भी खूब है। मान्यता है कि सूर्य अपने पुत्र शनि के घर जाते हैं। भगवान विष्णु ने असुरों का संहार भी इसी दिन किया था। महाभारत युद्ध में भीष्म पितामह ने प्राण त्यागने के लिए सूर्य के उत्तरायण होने तक प्रतीक्षा की थी।

मकर संक्रांति भारतवर्ष का एक बड़ा ही प्रसिद्ध त्यौहार है जो अलग-अलग राज्यों में भिन्न-भिन्न नामों से जाना और मनाया जाता है। इस त्यौहार का मुख्य उद्देश्य ज़रूरतमंद लोगों को भिन्न-भिन्न वस्तुओं का दान करना, सूर्य की उपासना करना होता है। जब सूर्य देव अपने गोचर भ्रमण के दौरान मकर राशि में प्रवेश करते हैं उस दिन मकर संक्रांति के त्योहार के रूप में जाना और मनाया जाता है। सामान्यतय यह दिन 14 जनवरी को ही आता है। सभी बारह राशियों के लिए मकर संक्रांति विशेष राशिफल प्रदान किया जा रहा है। साथ ही यहाँ हम जानेंगे इस वर्ष मकर संक्रांति का शुभ क्षण क्या है और इस दिन दान का इतना महत्व क्यों बताया गया है।

।।मकर संक्रांति 2022: शुभ मुहूर्त।।
14 जनवरी, 2022 (शुक्रवार)
मकर संक्रान्ति मुहूर्त

पुण्य काल मुहूर्त: 14:12:26 से 17:45:10 तक
अवधि: 3 घंटे 32 मिनट
महापुण्य काल मुहूर्त: 14:12:26 से 14:36:26 तक
अवधि: 0 घंटे 24 मिनट
संक्रांति पल: 14:12:26

मकर संक्रांत : संक्रांत का वाहन बाघ है। उपवन घोड़ा है। इस वर्ष संक्रांत ने पीला वस्त्र परिधान किया है। केसर का तिलक लगाया है। खीर भक्षण कर रही है। हाथ में शस्त्र गदा है। संक्रांत उत्तर से आकर दक्षिण जा रही है। पौष मास के शुक्ल पक्ष में संक्रांत आने से समाज में उत्साह का वातावरण रहेगा। मांगलिक कार्य बहुत होंगे। महंगाई कम होगी। दान में कांसे का बर्तन, नए बर्तन पीतल, स्टील, इत्यादि। वस्त्र, गर्म कपड़े भी, हल्दी, कुंकू, नारियल, चीनी, चावल, शक्कर का दान कर सकते हैं। दूध, घी, चावल, शक्कर, मोती, चांदी, सफेद चीज महंगी होगी। केसर, चंदन, हल्दी, तुवर दाल, चना दाल यह महंगे होंगे। सोना, गरम मसाला, चाय, तंबाकू यह महंगे होंगे। राजकीय स्थिरता रहेगी राजकीय वर्ग में कलह रहेगी। विद्वानों का सत्कार होगा।

मकर संक्रांति पर दान का महत्व : मकर संक्रांति पर विशेषतौर पर दान क्यों दिया जाता है? इसके पीछे कारण यह है कि मकर राशि के स्वामी शनि देव हैं जो सूर्य को अपना शत्रु मानते हैं। जबकि सूर्य देव शनि को अपना शत्रु नहीं मानते हैं। सूर्य के मकर राशि में प्रवेश होने से शनि प्रभावित होते हैं जिसका सीधा-उल्टा असर जनजीवन पर अवश्य ही पड़ता है। जिन लोगों की कुंडली में शनिदेव की स्थिति अच्छी होती है उनको इसका असर कम देखने को मिलता है, लेकिन इसके विपरीत जिन लोगों की कुंडली में शनि कमज़ोर या दुर्बल स्थिती में होते हैं उनको इसके दुष्परिणाम कार्य घातक दिखाई देते हैं।

गरीब एवं मजदूर वर्ग को शनि का कारक माना जाता है, जिस वजह से सूर्य एवं शनि से संबंधित वस्तुएं जैसे गुड़, रेवड़ी, खिचड़ी, बाजरा, मूंगफली, कपड़े, कंबल आदि वस्तुओं का दान करना बेहद शुभ और फलदायी होता है। मकर संक्रांति पर इन वस्तुओं का दान करने से सूर्य एवं शनि के शुभ परिणाम प्राप्त किए जा सके लेकिन इस दिन के दान में खिचड़ी का विशेष महत्व माना जाता है क्योंकि खिचड़ी बाजरा, मूंग, उड़द एवं चावल की बनाई जाती है।

मकर संक्रांति पर खिचड़ी दान का महत्व :
उड़द- शनि का कारक होते हैं।
मूंग- बुध का कारक होते हैं।
बाजरा- राहु/केतु के कारक होते हैं।
चावल- शुक्र एवं चंद्रमा के कारक होते हैं।
उड़द एवं बाजरे के दान से शनि-राहु के दुष्परिणामों को कम किया जा सकता है। राहु सदैव शनि के इशारों पर कार्य करता है। कुंडली में शनि का कमजोर होना सीधे राहु को प्रभावित करता है और कमजोर राहु सदैव चकमा देकर दुर्घटना कर देता है। इसलिए खिचड़ी में बाजरा व उड़द का होना शनि-राहु के दुष्परिणामों से बचाने में मदद करता है। साथ ही यदि शनि के मित्र ग्रह बुध एवं शुक्र को बलवान किया जाए तो इसका सीधा-सीधा असर शनि के शुभ परिणामों में मिलता है। इसलिए खिचड़ी में मूंग व चावल भी मिलाया जाता है ताकि शनि के मित्र ग्रहों को बलवान बनाकर शनि को शुभ बनाया जा सके।

मकर संक्रांति पर सूर्य-शनि युति का प्रभाव : इस वर्ष मकर संक्रांति पर शनि देव पहले से ही मकर राशि में गोचर कर रहे हैं। साथ ही 14 जनवरी को सूर्य देव का मकर राशि में गोचर से सूर्य-शनि की युति बन रही है जिससे आगे आने वाला समय अधिक संघर्षशील हो सकता है।
इस बार मकर संक्रांति पर सूर्य-शनि से संबंधित वस्तुओं जैसे :- गुड, मूंगफली, रेवड़ी, खिचड़ी, कंबल आदि गरीब एवं मजदूर वर्ग के लोगों में जरूर दान करें ताकि सूर्य शनि की युक्ति के दुष्परिणामों से बचा जा सके। अब आगे बढ़ते हैं और जान लेते हैं मकर संक्रांति का आपकी राशि पर क्या कुछ प्रभाव पड़ेगा?

मकर संक्रांति 2022 : सभी राशियों पर इसका प्रभाव

मेष राशि : यह मकर संक्रांति शुभता का वरदान लाई है। इस दौरान आपको कार्यक्षेत्र में विशेष प्रगति दायक अवसर प्राप्त होने की संभावना प्रबल हैं।

वृषभ राशि : यह संक्रांति आपके लिये शुभ रहने वाली है। इस अवधि में धार्मिक कार्य कल्प आपको अधिक भाग्यवान बनाएंगे।

मिथुन राशि : स्वास्थ्य के लिए यह मकर संक्रंति मिथुन जातकों के लिए प्रतिकूल रहने वाली है। इस अवधि में आपकी सेहत बिगड़ सकती है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें।

कर्क राशि : मकर संक्रांति कर्क जातकों के उन लोगों के लिए शुभ रहने वाली है जो व्यवसाय के क्षेत्र से जुड़े हैं। इस दौरान पार्टनरशिप के द्वारा कार्यक्षेत्र में आपको सफलता मिलेगी।

सिंह राशि : सिंह राशि के जातक इस वक़्त विशेष सावधानी रखें क्योंकि यह समय आपके लिए प्रतिकूल रहने वाला है। इस समय अवधि में आपकी अपने परिवार के लोगों या पड़ोसी से अनबन हो सकती है।

कन्या राशि : कन्या जातकों के लिए मकर संक्रांति का यह समय अनुकूल रहने वाला है। इस वक़्त रोमांस में बढ़ोतरी होगी। साथ ही इस राशि के विद्यार्थियों को विशेष लाभ मिलने की भी प्रबल संभावना है।

तुला राशि : इस मकर संक्रांति तुला राशि के जातकों के जीवन में मित्रों के तरफ से चिंता बनी रहेगी। हालाँकि इस दौरान आपको शुभ संदेश मिलने के भी प्रबल योग बन रहे हैं।

वृश्चिक राशि : मकर संक्रांति वृश्चिक जातकों के लिए शुभ एवं मंगलमय समय साबित होगा। सूर्य का राशि परिवर्तन आपके लिए यश कीर्ति बढ़ाने में सहायक साबित होगा।

धनु राशि : मकर संक्रांति धनु राशि शुभ संदेश लेकर आ रही है। इस दौरान आपके धन में वृद्धि होगी। इसके अलावा इस समय अवधि में भविष्य की नई योजनाएं बनेंगी।

मकर राशि : इस मकर संक्रांति आपके करियर में प्रसिद्धि के योग हैं। इसके अलावा इस समय अवधि में आपके सभी अधूरे कार्य पूरे होंगे।

कुंभ राशि : मकर संक्रांति कुंभ जातकों के लिए ज्यादा अनुकूल नहीं रहने वाली है। इस समय अवधि में आपके धन हानि के योग हैं। अनावश्यक खर्च से बचने की सलाह दी जाती है।

मीन राशि : मकर संक्रांति मीन जातकों के लिए अनुकूल समय साबित होगा। इस दौरान आपके कार्यक्षेत्र में वृद्धि होगी साथ ही आपको हर क्षेत्र में सफलता मिलेगी।

जोतिर्विद वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
9993874848

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