कोलकाता। महाराजा श्रीशचंद्र कॉलेज में मंगलवार को हिंदी विभाग के विद्यार्थियों के लिए एक प्रेरणादायक और उत्साहजनक दिन रहा। संस्थान के नए प्रिंसिपल, डॉ. अमित कुमार मजूमदार ने पहली बार हिंदी विभाग के सभी छात्रों से व्यक्तिगत रूप से मुलाकात की और उनसे सीधा संवाद किया।
कॉलेज के रूम नम्बर 13 में आयोजित इस मुलाकात में, प्रिंसिपल डॉ. अमित कुमार मजूमदार ने छात्रों का परिचय लिया और हिंदी भाषा तथा साहित्य के महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने कहा, “हिंदी सिर्फ एक विषय नहीं है, यह हमारी संस्कृति और पहचान की संवाहक है। आप सभी विद्यार्थी इस महान विरासत को आगे ले जाने वाले हैं।”

इस दौरान उन्होंने छात्रों को अपनी शिक्षा को सिर्फ पाठ्यपुस्तकों तक सीमित न रखने की सलाह दी और उनसे साहित्य, पत्रकारिता, अनुवाद और रचनात्मक लेखन के क्षेत्र में करियर की अपार संभावनाओं पर चर्चा की।
छात्रों ने भी उत्साहपूर्वक प्रिंसिपल से पाठ्यक्रम, विभाग में सुधार और करियर मार्गदर्शन से संबंधित कई प्रश्न पूछे। एक छात्र ने पूछा : “हिंदी साहित्य में रोजगार के कौन-कौन से नए अवसर हैं?”
जवाब में प्रिंसिपल ने कहा कि “आज के डिजिटल युग में, कंटेंट राइटिंग, ट्रांसलेशन, मीडिया और वेब सीरीज की स्क्रिप्टिंग जैसे क्षेत्रों में हिंदी स्नातकों की भारी मांग है। विभाग आपको इन क्षेत्रों के लिए तैयार करने हेतु नई कार्यशालाएँ आयोजित करेगा।”
प्रिंसिपल डॉ. अमित कुमार मजूमदार ने इस अवसर पर हिंदी विभाग के लिए दो महत्वपूर्ण पहलों की घोषणा की। छात्रों की रचनात्मकता को मंच देने के लिए एक मासिक पत्रिका शुरू की जाएगी, जिसमें वे अपनी कविताएँ, कहानियाँ और लेख प्रकाशित कर सकेंगे।
वही ‘कैरियर काउंसिलिंग सेल’ द्वारा हिंदी विभाग के छात्रों को विशेष रूप से उनकी रुचि के अनुसार करियर विकल्पों पर मार्गदर्शन देने के लिए एक विशेष सेल का गठन किया जाएगा।
विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर और विभागाध्यक्ष, डॉ. कार्तिक चौधरी, ने प्रिंसिपल का धन्यवाद करते हुए कहा कि उनका यह कदम निश्चित रूप से छात्रों में नया जोश और आत्मविश्वास भरेगा।
यह मुलाकात लगभग एक घंटे तक चली और इसका समापन सभी छात्रों के लिए प्रिंसिपल के आशीर्वाद और शुभकामनाओं के साथ हुआ।
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