नई दिल्ली। हरियाली अमावस्या के शुभ अवसर पर महाराजा अग्रसेन इको क्लब द्वारा सेक्टर-22, रोहिणी स्थित संस्थान परिसर में वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ सनातन संस्कृति में वृक्षों के महत्व को उजागर करना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत संस्थान के मुख्य संरक्षक डॉ. नंदकिशोर गर्ग द्वारा बेलपत्र का पौधा रोपित करके की गई।
महाराजा अग्रसेन टेक्निकल एजुकेशन सोसाइटी की डायरेक्टर इंदिरा भारद्वाज ने अमरूद का पौधा रोपण किया। इस अवसर पर संस्थान के अन्य सदस्यों ने भी विभिन्न पौधों का रोपण कर पर्यावरण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता प्रकट की।
आचार्य विकास उनियाल ने इस अवसर पर स्वर्ण मास में हरियाली अमावस्या के विशेष महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि बेलपत्र भगवान शिव को अति प्रिय है।
हरियाली अमावस्या पर बेलपत्र का पौधा लगाने से पितृ दोष से मुक्ति, सुख-समृद्धि की प्राप्ति और स्वास्थ्य लाभ होते हैं। उन्होंने बताया कि यह दिन प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का अवसर है।
डॉ. नंदकिशोर गर्ग ने अपने वक्तव्य में कहा कि बेलपत्र में औषधीय गुणों की भरमार है। यह कैंसर रोधी, कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित करने, हृदय स्वास्थ्य सुधारने, और पाचन संबंधी समस्याओं से राहत दिलाने में अत्यंत उपयोगी है।
कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित सदस्यों ने वृक्षारोपण कर वातावरण को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संस्थान के सदस्य, विद्यार्थी एवं पर्यावरण प्रेमी उपस्थित रहे।
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