लखनऊ। एस्थेटिक एंड कल्चरल डेवलपमेंट प्रोग्राम 2025-26 के अंतर्गत लखनऊ पब्लिक वर्ल्ड स्कूल द्वारा फ्लोरेसेंस आर्ट गैलरी के सहयोग से “नन्हें हाथ, बड़ी रचनाएँ” शीर्षक से क्ले मॉडलिंग कार्यशाला का शुभारंभ किया गया।
यह छह दिवसीय कार्यशाला 13 मार्च तक आयोजित की जाएगी, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों में मिट्टी के माध्यम से रचनात्मकता, कल्पनाशीलता और स्पर्श आधारित सीखने की प्रक्रिया को विकसित करना है।
इस अवसर पर कलाकार भूपेंद्र कुमार अस्थाना ‘गेस्ट ऑफ द डे’ के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि मिट्टी केवल एक साधारण पदार्थ नहीं, बल्कि सृजन और कल्पना की अनंत संभावनाओं का माध्यम है। मिट्टी के साथ काम करना धैर्य, एकाग्रता और प्रकृति से जुड़ने की प्रेरणा देता है।
विद्यालय की प्राचार्या नवनीत कौर ने बच्चों को कला के मूल माध्यमों से परिचित कराने की आवश्यकता पर बल दिया। वहीं फ्लोरेसेंस आर्ट गैलरी की निदेशक नेहा सिंह ने कला शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया।
कार्यशाला में विषय विशेषज्ञ अंशु सक्सेना विद्यार्थियों को क्ले मॉडलिंग की विभिन्न तकनीकों का प्रशिक्षण दे रही हैं। इस अवसर पर वरिष्ठ कला विभागाध्यक्ष राजेश कुमार ने भी विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन करते हुए शुभकामनाएँ दीं।
कार्यशाला के शुभारंभ पर विद्यार्थियों ने उत्साहपूर्वक विभिन्न आकृतियाँ बनाईं, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि नन्हें हाथ भी बड़ी रचनात्मक अभिव्यक्तियाँ कर सकते हैं।
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