वाराणसी। भारतीय सनातन संस्कृति में ज्योतिष में ग्रहों का राशि परिवर्तन समय-समय पर होता रहता है इसी क्रम में शुक्र का मेष राशि से अपनी स्वराशि वृष में राशि परिवर्तन हो चुका हैं और अपने परम मित्र बुध के साथ युति बना रहे हैं। ज्योतिष शास्त्र में इस युति को लक्ष्मी नारायण योग के नाम से भी जानते हैं। वस्तुतः परम मित्रों में से एक बुध ग्रह शुक्र का गणित संबंधी ग्रह माना जाता है उधर गोचर में शनि के द्वारा बनने वाला डबल महापुरुष राजयोग का लाभ क्योकि कुंभ राशि को शनि को स्वराशि माना जाता है।

कुंभ राशि में शनि और वृष राशि में शुक्र अपनी अपनी राशि में दोनों ग्रह गोचर में चल रहे हैं। यह योग ज्योतिष शास्त्र के अनुसार 30 वर्षों बाद बना है इस योग में 2 राजयोगों का निर्माण हो रहा हैं।
एक मालव्य नामक राजयोग दूसरा शश नामक राजयोग। दोनों ही अपने आप में पावरफुल राजयोग है। इन दो राजयोगों में 4 राशियों को डबल राजयोग का लाभ प्राप्त होगा और 4 राशियों को सिंगल राज्यों का लाभ प्राप्त होगा तथा 4 राशियों को सामान्य फल की प्राप्ति होगी तो आइए जाने उन राशियों के बारे में…

मेष राशि : को सामान्य फल की प्राप्ति होगी!
वृष राशि : को महापुरुष राज्यों के कारण व्यापार क्षेत्र में लाभ की प्राप्ति होगा।
मिथुन राशि : को हंस महापुरुष राजयोग के कारण ज्ञान के बलबूते पर व्यापार क्षेत्र से लाभ प्राप्त होगा।
कर्क राशि : को स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव और धन व्यय हो सकता है।

सिंह राशि : को पत्नी के द्वारा स्नेह भावपूर्ण धन की प्राप्ति होगी।
कन्या राशि : को हंस नामक राजयोग बन रहा है वाणी के द्वारा धन की प्राप्ति होगी।
तुला राशि : को चोट चपेट लगने की संभावना तथा मानसिक तनाव आदि बनने की संभावना है।
वृश्चिक राशि : को डबल महापुरुष राजयोग शुक्र और शनि के द्वारा बहुत ही बढ़िया समय है।

धनु राशि : को हंस नामक राजयोग के कारण स्वास्थ्य में लाभ तथा धन की प्राप्ति होगी।
मकर राशि : को विदेशों से धन की प्राप्ति विदेश यात्रा का लाभ प्राप्त होगा।
कुंभ राशि : को मालव्य नामक राजयोग तथा केंद्र त्रिकोण राजयोग डबल राजयोग की प्राप्ति के कारण धन लाभ प्राप्त होगा।
मीन राशि : को हंस महापुरुष राजयोग से यात्राओं के द्वारा धन का प्राप्ति संभव है।

1,4,7,10 इन चार राशियों को सामान्य लाभ की प्राप्ति होगी।
2,5,8,11 इन 4 राशियों को डबल राजयोग की प्राप्ति होगी।
3,6,9,12 इन चार राशियों में सिंगल राजयोग की प्राप्ति होगी।
वर्तमान में कुंडली अंतर्गत महादशा अंतर्दशा या प्रत्यंतर दशा अनुसार या अपनी कुंडली की विवेचना अनुसार रत्न धारण कर के भी ग्रहों से लाभ की प्राप्ति हो सकती है।

अपनी कुंडली की अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें…
ज्योतिर्विद वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो. 9993874848

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