वाम संगठनों ने बंगाल में ‘बिगड़ती’ कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर रैली निकाली

कोलकाता। माकपा की महिला शाखा और 10 अन्य वाम संगठनों ने पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के शासन में कथित रूप से बदतर होती कानून व्यवस्था के खिलाफ कोलकाता में अलग अलग रैलियां निकालीं। दक्षिण कोलकाता में प्रशासनिक इमारत के पास बैरिकेड को तोड़ने की कोशिश करने पर जब पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका तो वे पुलिस से उलझते हुई दिखीं। एक प्रदर्शनकारी महिला ने पत्रकारों से कहा, “ हम फरवरी के आखिरी हफ्ते में आमटा में छात्र नेता अनीस खान की हत्या और रामपुरहाट के बोगतुई में नौ लोगों के नरसंहार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं। बशीरहाट और माल्दा में सामूहिक बलात्कार की घटनाएं भी हुई हैं।’’

उन्होंने कहा, “ पश्चिम बंगाल में कानून एवं व्यवस्था पूरी तरह से ढह चुकी है और ममता बनर्जी हर घटना पर पर्दा डालने में व्यस्त हैं। हम राज्य की महिलाएं अपना विरोध जताने के लिए सड़कों पर उतरी हैं। शहर के अन्य हिस्से में, छात्र संगठन आईसा समेत कई वाम समूहों ने श्यामबाजार पाइव-प्वाइंट क्रॉसिंग से कॉलेज स्ट्रीट तक रैली निकाली।

एक महिला प्रदर्शनकारी ने कहा, “ आमटा से लेकर बोगतुई तक, लोगों को मारा जा रहा है और कहीं कोई न्याय नहीं है। हम इंसाफ चाहते हैं।” खान के पिता ने आरोप लगाया कि अनीस को चार लोगों ने उनके निर्माणाधीन घर की छत से फेंक दिया था जिनमें से एक शख्स पुलिस की वर्दी में था।

वहीं पंचायत अधिकारी की हत्या के बाद बीरभूम के बोगतुई गांव में घरों पर हमले किए गए थे और उनमें आग लगा दी गई थी जिनमें बच्चों समेत कईलोगों लोगों की मौत हो गई थी। सरकार ने खान की हत्या की जांच करने के लिए एसआईटी गठित की है जबकि बोगतुई घटना की जांच सीबीआई कर रही है।

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