खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत खड़गपुर में एक अनोखा प्रयास किया गया, जिसे एक प्रतिष्ठित शिक्षक ने वास्तविकता में बदलकर मिसाल कायम की। यह शिक्षक हैं विद्युत सामंत, प्राचार्य खड़गपुर कॉलेज। उनके सुझाव पर खड़गपुर की एक संस्था सेंट जॉन एम्बुलेंस ब्रिगेड इंडिया के सदस्य लोगों को सीपीआर प्रशिक्षण दिया गया।
गीताांजलि भवन विवाह समारोह आयोजित हुआ था। इस अवसर पर प्राचार्य सामंत की अपनी बेटी की शादी के दौरान एक अलग तरह का आयोजन सबको आश्चर्यचकित कर गया। एक शिक्षक ने जीने का मंत्र बोला, जो दिल के भीतर गूंज उठा। एक ओर नवयुवकों के जीवन के पवित्र बंधन के मंत्रों की गूंज थी, रौशनी भी चमक रही थी।
वहीं दूसरी ओर अचानक दिल बंद हो जाने पर उसे खोलने के इरादे से सीपीआर का प्रशिक्षण दिया गया। स्टार्टर्स से लेकर फुचका-चिकन पकौड़ा खाने वाले लोग भी कहने लगे, “भाई, हमें भी सिखाओ।” कौन नहीं चाहता कि वह जिए और दूसरों को बचाए!

व्यावहारिक प्रशिक्षण में हाथों-हाथ सिखाया गया कि अचानक हार्ट अटैक होने पर क्या करना चाहिए। उस समय तीन से सात मिनट के अंदर निर्णय लेकर तीन मिनट के अंदर कृत्रिम श्वसन शुरू करनी होती है। यह पहल शायद पूरे भारत में पहली है।
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