तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। खड़गपुर स्थित विद्यासागर इंडस्ट्रियल पार्क में ग्रासिम इंडस्ट्रीज लिमिटेड (बिरला समूह) के कारखाने हेतु भूमि देने वाले परिवारों का आंदोलन नवंबर 2024 से लगातार जारी है। भूमि दाता परिवारों के बेरोजगार सदस्य कारखाने में रोजगार की मांग को लेकर चरणबद्ध तरीके से धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं।
प्राप्त जानकारी के अनुसार इस परियोजना के लिए कुल 161 परिवारों से भूमि अधिग्रहित की गई थी। इनमें से अधिकांश परिवार अनुसूचित जाति एवं आदिवासी समुदाय से जुड़े हैं।
इन 161 बेरोजगार सदस्यों में 36 अभ्यर्थी मैट्रिक (माध्यमिक) से कम शिक्षित हैं, जबकि 125 अभ्यर्थी उच्च शैक्षणिक योग्यता रखते हैं। इनमें बीटेक, आईटीआई, डिप्लोमा, एमएससी, बीएससी, बीएससी (नर्सिंग), बीए, एमए और हायर सेकेंडरी जैसी योग्यताएं शामिल हैं।

भूमि दाताओं ने “विद्यासागर इंडस्ट्रियल पार्क जमींदार संयुक्त संघर्ष समिति” के बैनर तले कंपनी प्रबंधन तथा इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा है।
न्यायालय की अनुमति लेकर कारखाने के मुख्य द्वार के सामने शांतिपूर्ण धरना दिया गया। अधिवक्ता विकास रंजन भट्टाचार्य, राजनील मुखर्जी तथा नौसाद सिद्दीकी की उपस्थिति में अब तक तीन बार विरोध-प्रदर्शन आयोजित किए जा चुके हैं।
शुक्रवार को कंपनी के प्रबंध निदेशक (एमडी) के प्रस्तावित दौरे की सूचना मिलते ही संघर्ष समिति के अध्यक्ष मिहिर पहाड़ी, सह-सचिव लक्ष्मण हांसदा तथा अन्य पदाधिकारियों सविता मांडी, मोहनलाल सिंह,
सुकुमार सिंह, सुकुमार दास, असित सरकार, अनिल दास, प्रभास पात्र और शैलेन माईती के नेतृत्व में 150 से अधिक भूमिदाता बेरोजगारों ने कारखाने के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
संघर्ष समिति का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण के समय रोजगार उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया गया था, जिसे अब तक पूरा नहीं किया गया। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द सकारात्मक पहल नहीं की गई, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



