स्पोर्ट्स डेस्क, कोलकाता | 10 सितम्बर 2026: भारतीय क्रिकेट टीम मौजूदा समय की सबसे मजबूत और लोकप्रिय टीम है। इस मुकाम तक पहुंचने में कई महान क्रिकेटरों का योगदान रहा है। इनमें लाला अमरनाथ का नाम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कप्तान और बल्लेबाज के रूप में भारतीय क्रिकेट को मजबूती प्रदान की।
लाला अमरनाथ का जन्म 11 सितंबर 1911 को कपूरथला, पंजाब में हुआ था। बचपन से ही क्रिकेट का शौक था। बल्लेबाजी, गेंदबाजी और विकेटकीपिंग—तीनों विभागों में दक्ष होने के कारण उन्हें पूर्ण क्रिकेटर माना जाता था।
अंतरराष्ट्रीय करियर
महज 22 साल की उम्र में 1933 में इंग्लैंड के खिलाफ उन्होंने अंतरराष्ट्रीय करियर की शुरुआत की। उनका करियर 19 साल लंबा रहा और वे 1952 तक भारतीय टीम का हिस्सा रहे।
24 टेस्ट मैचों की 40 पारियों में उन्होंने 1 शतक और 4 अर्धशतक लगाते हुए 878 रन बनाए। सर्वाधिक स्कोर 118 रहा। गेंदबाजी में 45 विकेट लिए, जिसमें दो बार एक पारी में 5 विकेट लेने का कारनामा शामिल है।
ऐतिहासिक कीर्तिमान
- भारत का पहला टेस्ट शतक: 17 दिसंबर 1933 को इंग्लैंड के खिलाफ।
- स्वतंत्र भारत के पहले कप्तान: स्वतंत्रता के बाद भारतीय टीम के पहले कप्तान बने।
- भारत की पहली टेस्ट सीरीज जीत: 1952 में पाकिस्तान के खिलाफ 5 टेस्ट मैचों की सीरीज में 2-1 से जीत हासिल की। इसी सीरीज के बाद उन्होंने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से संन्यास ले लिया।
संन्यास के बाद भी वे टीम से जुड़े रहे। 1954-55 में जब भारतीय टीम पाकिस्तान गई, तब लाला अमरनाथ टीम इंडिया के मैनेजर थे।
क्रिकेट पर प्रभाव और परिवार
उनके प्रभाव से कई युवा खिलाड़ियों ने उस समय के लोकप्रिय खेल हॉकी को छोड़कर क्रिकेट अपनाया। उनके बेटे सुरिंद्र अमरनाथ और मोहिंदर अमरनाथ भी भारतीय टीम के लिए खेले। एक अन्य बेटे राजिंदर अमरनाथ प्रथम श्रेणी क्रिकेट में सक्रिय रहे।
भारत सरकार ने 1991 में उन्हें पद्मभूषण से सम्मानित किया। लाला अमरनाथ का निधन 5 अगस्त 2000 को नई दिल्ली में 88 वर्ष की आयु में हुआ। भारतीय क्रिकेट के इतिहास में लाला अमरनाथ का योगदान अमर रहेगा।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



