Trailer launch of Son of Sardaar 2 is very special for my career: Kubbra Sait

कुब्रा सैत ने बताई फिटनेस की नई परिभाषा

मुंबई, 1 जनवरी 2026: आज के भागदौड़ भरे डिजिटल युग में लोग जिम, डाइट प्लान, वजन कम करने और सोशल मीडिया ट्रेंड्स में इतने उलझ गए हैं कि वे असली स्वास्थ्य का मतलब भूल चुके हैं। इस बीच अभिनेत्री कुब्रा सैत ने फिटनेस की एक ऐसी परिभाषा दी है, जो न सिर्फ प्रेरित करती है, बल्कि सोचने पर भी मजबूर कर देती है।

कुब्रा कहती हैं, “समय के साथ मेरी फिटनेस और स्वास्थ्य को लेकर सोच पूरी तरह बदल गई। पहले मैं केवल सुंदरता और शरीर की शेप को लेकर चिंतित रहती थी, लेकिन अब मेरा फोकस मानसिक स्वास्थ्य पर है। असली तंदुरुस्ती मन से शुरू होती है। अगर मन संतुलित और मजबूत है, तो शरीर अपने आप स्वस्थ रहता है।”

कोविड ने बदली सोच 

कुब्रा ने कोविड-19 महामारी के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उस वक्त उन्हें एहसास हुआ कि मानसिक स्वास्थ्य, हार्मोन और शरीर के कामकाज का आपस में कितना गहरा रिश्ता है।“

कोविड के समय मुझे यह समझ में आया कि हमारा शरीर डोपामिन, सेरोटोनिन, एस्ट्रोजन और टेस्टोस्टेरोन जैसे रसायनों से जुड़ा होता है, जिन्हें हमारा दिमाग नियंत्रित करता है। अगर मानसिक रूप से संतुलन न हो, तो शरीर पर इसका असर तुरंत दिखता है।”

तनाव और कॉर्टिसोल – फिटनेस का सबसे बड़ा दुश्मन

कुब्रा ने खुलासा किया कि तनाव केवल दिमाग तक सीमित नहीं रहता, बल्कि यह सीधे तौर पर शरीर को भी प्रभावित करता है। “तनाव से कॉर्टिसोल बढ़ता है, और जब कॉर्टिसोल बढ़ता है, तो शरीर को वजन कम करने या स्वस्थ रहने में दिक्कत महसूस होती है। इसलिए मानसिक मजबूती फिटनेस की सबसे पहली और महत्वपूर्ण सीढ़ी है।”

अनुशासन और संतुलन – कुब्रा का असली मंत्र

कुब्रा अनुशासन को फिटनेस और तंदुरुस्ती की असली कुंजी मानती हैं। “स्वास्थ्य कोई मंजिल नहीं है, बल्कि रोज की प्रक्रिया है। इसका मतलब यह नहीं कि आप किसी बाहरी रूप या ट्रेंड का पालन करें, बल्कि यह कि आप मानसिक और शारीरिक रूप से पूरी तरह अपने जीवन में मौजूद रहें।

अगर हम अपने मन पर ध्यान दें और मन व शरीर दोनों के साथ अनुशासित रहें, तो यही सही संतुलन है।”

उम्र, शेप या समाज की अपेक्षाओं से नहीं तय होती

कुब्रा ने अंत में एक बहुत महत्वपूर्ण बात कही: “अच्छी फिटनेस न उम्र से तय होती है, न शरीर के आकार से और न ही समाज की अपेक्षाओं से। असली फिटनेस का मतलब भीतर की मजबूती और मानसिक संतुलन है। जब मन का ख्याल रखा जाता है, तो शरीर अपने आप साथ देता है।”

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