- कोच्चि मॉडल पर इलेक्ट्रिक हाइब्रिड नावों से सेवा शुरू
- अगले सप्ताह निगम में महत्वपूर्ण बैठक
कोलकाता न्यूज डेस्क | 10 मार्च 2026: महानगर में अब नदी की सतह पर वॉटर मेट्रो चलाने की तैयारी तेज हो गई है। राज्य सरकार केरल के कोच्चि की एक संस्था के साथ संपर्क में है और इस सेवा को शुरू करने की रूपरेखा तैयार की जा रही है।
राज्य सरकार के निर्देश पर कोलकाता नगर निगम अगले सप्ताह इस संस्था के साथ बैठक करेगा। बैठक में कोच्चि वॉटर मेट्रो प्रोजेक्ट से जुड़े प्रतिनिधि अपने प्रस्ताव और योजना के बारे में विस्तार से जानकारी देंगे।
कोच्चि मॉडल पर आधारित इलेक्ट्रिक हाइब्रिड नावें
निगम सूत्रों के मुताबिक, कोच्चि की तरह कोलकाता में भी स्टेट-ऑफ-द-आर्ट बैटरी से चलने वाली इलेक्ट्रिक हाइब्रिड नावों के उपयोग की योजना है। ये वॉटरक्राफ्ट पर्यावरण के अनुकूल होंगे और तेज व सुविधाजनक सफर उपलब्ध कराएंगे।
संबंधित संस्था ने भरोसा दिलाया है कि गंगा को किसी तरह का नुकसान पहुंचाए बिना यह सेवा शुरू की जा सकती है।
मुख्य बातें –:
- वॉटर मेट्रो सेवा: हुगली नदी (गंगा) पर शुरू करने की तैयारी
- मॉडल: कोच्चि वॉटर मेट्रो की तर्ज पर इलेक्ट्रिक हाइब्रिड नावें
- बैठक: अगले सप्ताह कोलकाता नगर निगम में कोच्चि संस्था के साथ
- लाभ: सड़क यातायात का बोझ कम, वायु प्रदूषण नियंत्रण, तेज सफर
- पर्यावरण अनुकूल: बैटरी आधारित, गंगा को कोई नुकसान नहीं
सड़क यातायात पर बोझ कम करने का लक्ष्य
निगम के एक अधिकारी ने बताया कि यदि वॉटर मेट्रो सेवा शुरू होती है, तो शहर की सड़कों पर यातायात का दबाव काफी हद तक कम किया जा सकेगा। इससे बसों और मेट्रो रेल में भी भीड़ घटेगी और यात्रियों को राहत मिलेगी।
साथ ही वायु प्रदूषण को नियंत्रित करने में भी यह सेवा महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। गंगा जलमार्ग का उपयोग कर यात्री कम समय में शहर के एक छोर से दूसरे छोर तक पहुंच सकेंगे।
आगामी बैठक में क्या होगा चर्चा
आगामी बैठक में संभावित नावों के प्रकार, परियोजना की लागत, सेवा की रूपरेखा और संचालन से जुड़े अन्य मुद्दों पर विस्तृत चर्चा होने की उम्मीद है। निगम सूत्रों के अनुसार, वॉटर ट्रांसपोर्ट को अधिक तेज और सुगम बनाने के उद्देश्य से गंगा में वॉटर मेट्रो सेवा शुरू करने की योजना बनाई जा रही है।
इसके लिए कोच्चि की एक कंपनी की मदद से परियोजना लागू करने की संभावनाएं तलाश की जा रही हैं। यदि सब कुछ योजना के अनुसार रहा, तो अगले सप्ताह निगम में होने वाली उच्चस्तरीय बैठक में परियोजना की रूपरेखा पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।
कोच्चि वॉटर मेट्रो का सफल मॉडल
गौरतलब है कि कोच्चि वॉटर मेट्रो देश का पहला और एशिया का सबसे बड़ा इंटीग्रेटेड फेरी-आधारित पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम माना जाता है। यह सेवा केरल के कोच्चि शहर के 10 द्वीपों को मुख्य भूमि से जोड़ती है।
यहां चलने वाली नावें पूरी तरह एयर-कंडीशन्ड होती हैं और बैटरी तथा डीजल जनरेटर आधारित हाइब्रिड तकनीक से संचालित होती हैं, जिन्हें पर्यावरण के अनुकूल माना जाता है।
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