कोलकाता | 21 नवंबर 2025 : बैंक ऑफ़ बड़ौदा, वृहत्तर कोलकाता क्षेत्र और कलकत्ता विश्वविद्यालय के हिंदी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में ‘भारतीय भाषाओं में सामासिकता’ विषयक संगोष्ठी तथा बड़ौदा मेधावी विद्यार्थी सम्मान योजना 2024-25 का आयोजन कादम्बिनी सभागार में किया गया।
संविधान के अनुच्छेद 351 में लिखा गया है कि सामासिक संस्कृति के सभी तत्वों की अभिव्यक्ति हिंदी में होगी। भारत में ध्वनि के स्तर पर प्रथमत: सामासिकता देखी जाती है। संस्कृत जननी भाषा है।
ऋग्वेद के अनुसार, वाक् दैवी है। दंडी कहते हैं, शब्द शक्ति से ही संसार प्रकाशित है। भाषा के विकास और उन्नति में संस्कृत व्याकरण के आचार्यों की महती भूमिका है।

🎤 मुख्य वक्तव्य और विचार
- डॉ. ऋषिकेश राय (टी बोर्ड सचिव) ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 351 में सामासिक संस्कृति की अभिव्यक्ति हिंदी में होने का उल्लेख है।
- संस्कृत को जननी भाषा बताते हुए उन्होंने कहा कि “शब्द शक्ति से ही संसार प्रकाशित है।”
- भाषा सांस्कृतिक अंतर्क्रिया का सबसे बड़ा माध्यम है।
डॉ. अमित राय (महात्मा गांधी अंतरराष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय) ने बताया कि हिंदी विश्व की 6वीं सर्वाधिक बोली जाने वाली भाषा है।
- 21वीं सदी में हिंदी प्रशासन और विधायिका की भाषा बन रही है।
- अनुवाद कार्य से रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
- अंग्रेजी को उन्होंने “एक्सीडेंट की भाषा” कहा।
प्रो. विजय साव (कलकत्ता विश्वविद्यालय) ने महात्मा गांधी को उद्धृत करते हुए कहा कि हिंदी विविध भाषाओं से शब्द ग्रहण कर अपनी अंतरराष्ट्रीय स्थिति को मजबूत कर सकती है।
🏅 मेधावी सम्मान योजना 2024-25
- प्रथम स्थान: सुश्री सुताबी कोईरी — ₹11,000/-
- द्वितीय स्थान: श्री राहुल साव — ₹7,500/-
- दोनों विद्यार्थियों को नगद राशि और शुभकामनाओं के साथ सम्मानित किया गया।
- अगस्त माह में आयोजित हिंदी-अंग्रेजी अनुवाद प्रतियोगिता के विजेताओं को भी प्रमाणपत्र और पुरस्कार दिए गए।
🎶 कार्यक्रम की झलकियाँ
- शुभारंभ शोधार्थी प्रियंका कुमारी सिंह के प्रार्थना गीत से हुआ।
- स्वागत वक्तव्य: श्री कुमार नरेंद्र (सहायक महाप्रबंधक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा)
- बीज व्याख्यान: प्रो. राजश्री शुक्ला (हिंदी विभाग)
- संचालन: डॉ. राम प्रवेश रजक
- धन्यवाद ज्ञापन: श्रीमती वंदना जैन (मुख्य प्रबंधक, बैंक ऑफ़ बड़ौदा)
- अंत में विद्यार्थियों को पुस्तक उपहार स्वरूप दी गई।
बैंक द्वारा अगस्त माह में आयोजित हिंदी – अंग्रेजी अनुवाद के लिए भी विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र के साथ पुरस्कृत किया गया।
अंत में बैंक की ओर से सभी विद्यार्थियों को एक पुस्तक उपहार स्वरूप वितरित किया गया।
👥 सहयोग और सहभागिता
कार्यक्रम को सफल बनाने में अमर कुमार साव, प्रो. चित्रा माली, डॉ. अभिजीत सिंह सहित अनेक प्राध्यापकों, शोधार्थियों और विद्यार्थियों की सक्रिय भूमिका रही।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।




