कोलकाता हिन्दी न्यूज | 11 अगस्त 2026: पश्चिम बंगाल में नई सरकार के सत्ता में आने के बाद कोलकाता की ऐतिहासिक ट्राम सेवा को फिर से विस्तार देने की कवायद तेज हो गई है। शहर की सड़कों पर ट्राम को नए रूप में वापस लाने की योजना पर काम शुरू हो गया है।
इसी कड़ी में सोमवार से RITES ने ट्राम सेवा के संभावित नए मार्गों को लेकर सर्वे शुरू कर दिया है। परिवहन विभाग ने ट्राम सेवा के विस्तार और संभावित नए रूट की व्यवहार्यता का अध्ययन करने की जिम्मेदारी RITES को दी है।
बताया गया है कि कंपनी करीब दो महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट परिवहन विभाग को सौंपेगी। रिपोर्ट मिलने के बाद यह तय किया जाएगा कि कोलकाता में किन मार्गों पर ट्राम सेवा दोबारा शुरू की जा सकती है और इसके लिए किस तरह का बुनियादी ढांचा विकसित करना होगा।
सॉल्टलेक और न्यूटाउन तक ट्राम पहुंचाने की तैयारी
सरकार की योजना केवल पुराने ट्राम मार्गों को बहाल करने तक सीमित नहीं है। शुरुआती स्तर पर सॉल्टलेक, न्यूटाउन और राजारहाट तक ट्राम सेवा के विस्तार की संभावनाओं पर भी विचार किया जा रहा है।
परिवहन विभाग यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि मौजूदा सड़क व्यवस्था, यातायात का दबाव और उपलब्ध जगह को देखते हुए किन इलाकों में ट्राम चलाना व्यावहारिक होगा।
RITES का सर्वे इसी दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सर्वे के दौरान संभावित मार्गों और वहां ट्राम संचालन के लिए जरूरी परिस्थितियों का अध्ययन किया जाएगा।
दो महीने बाद सामने आएगा ट्राम वापसी का रोडमैप
परिवहन विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, फिलहाल पूरी योजना RITES की रिपोर्ट पर निर्भर करेगी। रिपोर्ट में संभावित ट्राम मार्गों के अलावा तकनीकी और व्यावहारिक पहलुओं का भी अध्ययन किया जाएगा।
रिपोर्ट सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि ट्राम किन सड़कों पर चलाई जा सकती है और पुराने मार्गों को किस हद तक पुनर्जीवित किया जा सकता है।
सरकार के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कोलकाता की कई सड़कों पर पहले मौजूद ट्राम लाइनें अब या तो बंद हो चुकी हैं या कई स्थानों पर उन्हें सड़क निर्माण और अन्य परियोजनाओं के दौरान हटा दिया गया है।
अभी सिर्फ दो रूट पर चल रही ट्राम सेवा
फिलहाल कोलकाता में ट्राम सेवा बेहद सीमित रह गई है। वर्तमान में शहर में केवल दो मार्गों पर ट्राम चल रही है। समय के साथ शहर में कई ट्राम लाइनों को बंद कर दिया गया और कुछ स्थानों पर ट्रैक को भर दिया गया।
ऐसे मार्गों को पहले की स्थिति में वापस लाना आसान नहीं है। इसलिए सरकार अब ऐसे विकल्पों पर भी विचार कर रही है, जिनके जरिए आधुनिक शहरी परिवहन व्यवस्था के साथ ट्राम सेवा को फिर से जोड़ा जा सके।
कालीघाट से दक्षिणेश्वर तक ट्राम चलाने की भी चर्चा
परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह पहले ही कालीघाट से दक्षिणेश्वर तक ट्राम सेवा शुरू करने की संभावना का संकेत दे चुके हैं।
हालांकि, इस प्रस्तावित मार्ग के लिए ट्राम लाइन किस रास्ते से गुजरेगी, इसकी व्यवहार्यता भी RITES के सर्वे के जरिए जांची जाएगी।
यदि यह योजना व्यवहारिक पाई जाती है तो शहर के उत्तर और दक्षिण हिस्सों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण ट्राम सेवा विकसित की जा सकती है।
पुरानी ट्राम की जगह आएगी नई डिजाइन?
कोलकाता में ट्राम सेवा बहाल होने की स्थिति में एक और बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। सरकार के सामने पुराने ट्राम डिब्बों के रखरखाव और मरम्मत की बड़ी चुनौती है।
परिवहन निगम के अधिकारियों के मुताबिक, पुराने ट्राम के कई कलपुर्जे अब आसानी से उपलब्ध नहीं हैं। पहले हावड़ा की कुछ दुकानों में ट्राम के कलपुर्जे मिल जाते थे, लेकिन ट्राम सेवा के लगातार सिमटने के साथ इनकी मांग भी कम होती गई और ऐसी कई दुकानें बंद हो गईं।
ऐसे में पुराने ट्राम डिब्बों की मरम्मत करना महंगा और मुश्किल हो रहा है।
यही वजह है कि यदि ट्राम सेवा बड़े स्तर पर वापस आती है तो नई डिजाइन और आधुनिक तकनीक वाले ट्राम सड़कों पर नजर आ सकते हैं।
एक डिब्बे की होगी ट्राम या दो डिब्बों की?
नई ट्राम सेवा का डिजाइन कैसा होगा, यह भी अभी तय नहीं है। क्या नई ट्राम एक डिब्बे वाली होगी या दो डिब्बों वाली, इस पर भी RITES की रिपोर्ट के बाद निर्णय लिया जा सकता है।
नई ट्राम को आधुनिक यातायात व्यवस्था के अनुरूप बनाने, यात्रियों की सुविधा बढ़ाने और रखरखाव की समस्या कम करने पर भी ध्यान दिए जाने की संभावना है।
क्यों महत्वपूर्ण है कोलकाता में ट्राम की वापसी?
कोलकाता की ट्राम केवल सार्वजनिक परिवहन का साधन नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक पहचान का हिस्सा भी रही है। वर्षों से ट्राम को कोलकाता की विरासत और शहर की विशिष्ट परिवहन संस्कृति से जोड़कर देखा जाता रहा है।
हालांकि, बढ़ते यातायात दबाव, सड़क की सीमित जगह और आधुनिक परिवहन साधनों के विस्तार के बीच ट्राम सेवा लगातार सिमटती गई।
अब सरकार यदि ट्राम को नए रूट, आधुनिक डिजाइन और बेहतर यात्री सुविधाओं के साथ वापस लाने में सफल होती है तो यह शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था में एक महत्वपूर्ण बदलाव हो सकता है।
क्या वास्तव में लौटेगी कोलकाता की ट्राम?
फिलहाल इसे ट्राम सेवा की वापसी की दिशा में प्रारंभिक चरण माना जाना चाहिए। RITES का सर्वे पूरा होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि सरकार की योजना कितनी व्यावहारिक है और किन मार्गों पर ट्राम को दोबारा चलाया जा सकता है।
दो महीने के भीतर रिपोर्ट आने की उम्मीद है। इसके बाद सरकार संभावित रूट, ट्राम के डिजाइन, बुनियादी ढांचे और संचालन मॉडल को लेकर अंतिम फैसला कर सकती है।
अगर योजना आगे बढ़ती है तो आने वाले समय में कोलकाता की सड़कों पर ट्राम एक बार फिर नए अंदाज में नजर आ सकती है।
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