Tragic accident in Tapasia, Kolkata; Massive fire breaks out in multi-storey building, 2 dead

कोलकाता के तोपसिया में दर्दनाक हादसा; बहुमंजिला इमारत में लगी भीषण आग, 2 की मौत

कोलकाता न्यूज डेस्क | 12 मई 2026: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक बार फिर भयावह अग्निकांड ने लोगों को दहला दिया। मंगलवार को शहर के तोपसिया इलाके में स्थित जेजे खान रोड की एक बहुमंजिला इमारत में अचानक भीषण आग लग गई।

आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत के भीतर मौजूद लोग बाहर निकलने का मौका तक नहीं पा सके। इस दर्दनाक हादसे में अब तक दो लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से झुलसे हुए अस्पताल में भर्ती हैं।

घटना के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया। दमकल विभाग की कई टीमें मौके पर पहुंचीं और घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की गई।


दूसरी मंजिल से शुरू हुई आग

स्थानीय लोगों के मुताबिक, मंगलवार दोपहर तपसिया के 50/1 जेजे खान रोड स्थित चार मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल से अचानक धुआं निकलता दिखाई दिया। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया और पूरा इलाका काले धुएं से भर गया।

प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि आग इतनी तेजी से फैली कि इमारत के अंदर मौजूद लोगों को संभलने तक का मौका नहीं मिला। स्थानीय लोगों ने तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी, जिसके बाद एक-एक कर दमकल की चार गाड़ियां मौके पर पहुंचीं।


जान बचाने के लिए बाथरूम में छिपे लोग

जानकारी के अनुसार, आग लगने के समय कमरे के भीतर पांच लोग मौजूद थे। बाहर निकलने का रास्ता धुएं और आग की वजह से बंद हो गया, जिसके बाद सभी ने जान बचाने के लिए बाथरूम में शरण ली।

लेकिन बंद जगह में धुएं का असर और ज्यादा खतरनाक साबित हुआ। दम घुटने जैसी स्थिति बन गई और अंदर फंसे लोग बेहोश होने लगे।

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दमकल कर्मियों ने जोखिम उठाकर सभी को बाहर निकाला और तुरंत National Medical College and Hospital भेजा गया।


2 की मौत, 3 घायल

अस्पताल सूत्रों के मुताबिक, पांचों घायलों को गंभीर हालत में भर्ती कराया गया था। डॉक्टरों ने जांच के बाद दो लोगों को मृत घोषित कर दिया। दमकल विभाग के अधिकारियों का कहना है कि दोनों की मौत अत्यधिक धुएं के कारण सांस रुकने से हुई।

बाकी तीन लोगों की हालत भी बेहद गंभीर बताई जा रही है और उन्हें लगातार निगरानी में रखा गया है। प्रशासन को आशंका है कि मृतकों की संख्या बढ़ भी सकती है।


शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका

हालांकि आग लगने की असली वजह अभी स्पष्ट नहीं हो पाई है, लेकिन दमकल विभाग की शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट को संभावित कारण माना जा रहा है। फायर अधिकारियों के अनुसार:

  • इमारत की वायरिंग काफी पुरानी हो सकती है
  • बिजली के ओवरलोड की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता
  • फोरेंसिक जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट होगा

पूरे मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी गई है।


इलाके में मचा हड़कंप

हादसे के बाद इलाके में भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों में डर और गुस्सा दोनों देखने को मिला। कई लोगों ने आरोप लगाया कि इमारत में पर्याप्त अग्नि सुरक्षा व्यवस्था नहीं थी।

मौके पर पुलिस, दमकल और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे और पूरे इलाके को घेर लिया गया। सुरक्षा के मद्देनजर आसपास के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई।


क्या इमारत में थे फायर सेफ्टी इंतजाम?

इस घटना के बाद एक बार फिर कोलकाता की पुरानी इमारतों में फायर सेफ्टी को लेकर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि:

  • इमारत में फायर अलार्म सिस्टम नहीं था
  • आपातकालीन निकासी की उचित व्यवस्था नहीं थी
  • आग बुझाने वाले उपकरण भी नजर नहीं आए
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अब प्रशासन यह जांच करेगा कि बिल्डिंग में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन किया गया था या नहीं।


लगातार बढ़ रहे अग्निकांड के मामले

कोलकाता और उसके आसपास के इलाकों में पिछले कुछ महीनों में आग लगने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • पुराने भवन
  • खराब इलेक्ट्रिक वायरिंग
  • संकरी गलियां
  • सुरक्षा मानकों की अनदेखी

इन हादसों को और ज्यादा खतरनाक बना रही हैं।


प्रशासन ने जांच के दिए आदेश

प्रशासन ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं। दमकल विभाग, पुलिस और फोरेंसिक टीम मिलकर यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि:

  • आग कैसे लगी?
  • क्या किसी तरह की लापरवाही हुई?
  • क्या बिल्डिंग में सुरक्षा नियमों का उल्लंघन हुआ था?

अगर जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है।


शहर में फिर सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

तोपसिया की यह घटना केवल एक अग्निकांड नहीं, बल्कि महानगर की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल भी है। घनी आबादी वाले इलाकों में बहुमंजिला इमारतों की बढ़ती संख्या और फायर सेफ्टी के कमजोर इंतजाम लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा बनते जा रहे हैं।

अब सभी की नजर प्रशासनिक जांच और अस्पताल में जिंदगी के लिए संघर्ष कर रहे तीन घायलों की स्थिति पर टिकी हुई है।

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