कोलकाता हिन्दी न्यूज | 27 जून 2026: रोजगार की तलाश में बिहार से कोलकाता आए एक परिवार पर तारातला हादसे ने ऐसा कहर बरपाया कि तीन भाइयों की दर्दनाक मौत हो गई।
पेट पालने के लिए शहर आए परिवार के छह सदस्य निर्माणाधीन इमारत में मजदूरी कर रहे थे, लेकिन हादसे ने परिवार को गहरा सदमा दे दिया।
तारातला के अभिशप्त गोदाम हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 17 हो गई है। वहीं अभी भी राहत और बचाव अभियान जारी है।
48 घंटे बाद मलबे से मिला शिरचंद का शव
बुधवार को हुए हादसे के बाद मलबे में दबे मजदूरों को निकालने का काम लगातार चल रहा था।
हादसे वाले दिन ही बिहार के मुंगेर निवासी घी कुमार की मौत हो गई थी। इसके बाद बुधवार रात उनके भाई मन्नू कुमार को मलबे से निकाला गया, लेकिन अस्पताल में इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।
गुरुवार को करीब 48 घंटे बाद तीसरे भाई शिरचंद कुमार का शव बरामद किया गया।
बताया जा रहा है कि शव की हालत ऐसी थी कि चेहरे से पहचान करना संभव नहीं था। बाद में मोबाइल फोन के जरिए उनकी पहचान की गई।
एक ही परिवार के 6 लोग मजदूरी के लिए आए थे कोलकाता
जानकारी के मुताबिक, बिहार के एक ही परिवार के छह सदस्य मजदूरी करने के लिए कोलकाता आए थे।
हादसे के बाद आशंका जताई जा रही थी कि परिवार के कई सदस्य मलबे में फंसे हो सकते हैं। राहत टीमों ने लगातार अभियान चलाकर कई लोगों को बाहर निकाला।
परिवार के बाकी तीन सदस्य अभी अस्पताल में इलाज करा रहे हैं।
बुधवार दोपहर हुआ था भीषण हादसा
तारातला में बुधवार दोपहर करीब 12 बजकर 7 मिनट पर निर्माणाधीन व्यावसायिक इमारत अचानक भरभराकर गिर गई थी।
इमारत के नीचे काम कर रहे कई मजदूर दब गए थे। हादसे के तुरंत बाद पुलिस, दमकल विभाग, एनडीआरएफ और सेना की टीमों ने संयुक्त रूप से राहत और बचाव अभियान शुरू किया।
कई मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाला गया, लेकिन कई परिवारों ने अपने लोगों को हमेशा के लिए खो दिया।
मृतकों के शव बिहार भेजे जाएंगे
सूत्रों के अनुसार, शिरचंद कुमार के शव को पोस्टमार्टम के बाद बिहार भेजा जाएगा।
वहीं प्रशासन और बचाव एजेंसियां अभी भी घटनास्थल पर राहत कार्य में जुटी हुई हैं। हादसे के कारणों की जांच भी जारी है।
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