कोलकाता | 18 नवंबर 2025 : पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के दौरान एक दर्दनाक घटना सामने आई है। कोलकाता के पूर्बा पुटियारी इलाके में 67 वर्षीय महिला जमुना मंडल ने कथित तौर पर खुद को आग लगा ली। पुलिस ने मंगलवार को बताया कि महिला की मौत अस्पताल में हुई।
🕵️♀️ घटना का विवरण
- जमुना मंडल को गणना फॉर्म मिलने में देरी हुई थी।
- परिवार का आरोप है कि पड़ोसियों को फॉर्म मिल गए थे, लेकिन उन्हें नहीं मिले।
- महिला इस देरी को लेकर चिंतित और बेचैन थीं।
- 15 नवंबर को फॉर्म मिलने के बावजूद वह दहशत में थीं।
- सोमवार को उन्होंने खुद को आग लगा ली।
- गंभीर हालत में उन्हें एमआर बांगुर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उनकी मौत हो गई।
परिजनों का आरोप है कि जमुना मंडल (67) नामक महिला, ब्लॉक स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) से गणना फॉर्म मिलने में दो दिन की देरी के बाद से बेचैनी से जूझ रही थी। मृतका के परिवार ने दावा किया कि समय पर फॉर्म न मिलने के बाद उसने यह कदम उठाया।
👥 परिवार का बयान
- बेटे मृत्युंजय मंडल ने कहा कि उनकी माँ फॉर्म मिलने में देरी से परेशान थीं।
- उन्होंने दावा किया कि माँ को डर था कि उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है।
बता दें कि बंगाल की मतदाता सूची के एसआईआर के लिए गणना फॉर्म का वितरण राज्य में 4 नवंबर से शुरू हुआ था। जमुना मंडल के परिवार को शुरुआत में गणना फॉर्म नहीं मिले थे। जबकि, उनके पड़ोस में रहने वाले परिवारों को फॉर्म मिल गए।

🚨 पुलिस की प्रतिक्रिया
- एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि महिला ने खुद को आग लगाने के बाद लगी चोटों के कारण दम तोड़ दिया।
- पुलिस ने मामले की जाँच शुरू कर दी है।
पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि घटना कल हुई। महिला ने खुद को आग लगाने के बाद लगी चोटों के कारण दम तोड़ दिया। हम मामले की जाँच कर रहे हैं।
संयोग से पश्चिम बंगाल में एसआईआर प्रक्रिया शुरू होने के बाद, राज्य के विभिन्न हिस्सों में इस प्रक्रिया के डर से कई लोगों की मौत की खबरें आई हैं।
⚖️ राजनीतिक प्रतिक्रिया
- तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया कि SIR प्रक्रिया ने नागरिकों में दहशत फैला दी है।
- पार्टी का कहना है कि लोगों को डर है कि उनका नाम मतदाता सूची से हटाया जा सकता है।
- भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी ही नागरिकों में डर फैला रही है।
पार्टी ने आरोप लगाया है कि एसआईआर की घोषणा के बाद से लोग दहशत में हैं, उन्हें डर है कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया जाएगा।
📚 पृष्ठभूमि
- बंगाल में SIR प्रक्रिया के तहत गणना फॉर्म का वितरण 4 नवंबर से शुरू हुआ था।
- इस प्रक्रिया के दौरान राज्य के विभिन्न हिस्सों से दहशत और मौत की खबरें सामने आई हैं।
तृणमूल कांग्रेस ने इसे लेकर चुनाव आयोग और भाजपा पर निशाना साधा है। दूसरी तरफ, भाजपा का दावा है कि राज्य में सत्तारूढ़ पार्टी SIR को लेकर नागरिकों में दहशत फैला रही है।
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