कोलकाता: कोलकाता के आरजी कर केस में बलात्कार और हत्या की शिकार डॉक्टर के लिए न्याय की मांग कर रहे लोगों पर लाठीचार्ज की खबर सामने आई है। इस दौरान आरजी कर केस की मृत डॉक्टर की मां का आरोप है कि पुलिस ने उनकी चूड़ियों को तोड़ दिया है।
वहीं बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने कहा है, ‘‘पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया था और पीड़िता की मां के माथे पर चोट आई है।’’
हालांकि इस मामले में डीसी पोर्ट हरिकृष्ण पाई का कहना है कि पुलिस ने लाठी नहीं चलाई।
- क्या है पूरा मामला?
बीजेपी नेता शुभेंदु अधिकारी ने आरजी कर अस्पताल की पीड़िता को न्याय दिलाने की मांग को लेकर शहर के मध्य इलाके में तीन घंटे का धरना देने के साथ ‘नवान्न अभियान’ चलाया था लेकिन इस दौरान पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोका और उनके ऊपर लाठीचार्ज किया।
इस मामले में शुभेंदु अधिकारी का बयान भी सामने आया है। उन्होंने कहा, “पार्क स्ट्रीट-जवाहर लाल नेहरू रोड चौराहे पर विरोध प्रदर्शन वापस लेने की घोषणा पीड़िता की मां के अस्पताल में भर्ती होने के अलावा अन्य कारणों से लिया गया।”
उन्होंने दावा किया कि ‘‘पुलिस द्वारा बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज किया गया था और पीड़िता की मां के माथे पर चोट आई है।” उन्होंने कहा, “चूंकि पीड़िता के माता-पिता मेरे आमंत्रण पर रैली में शामिल हुए थे, इसलिए उन्हें देखना और उनके इलाज का ध्यान रखना मेरा कर्तव्य है।
पुलिस की यह निर्मम कार्रवाई लोकतंत्र, शांतिपूर्ण विरोध और महिलाओं की सुरक्षा के प्रति असम्मान को दर्शाती है। हम आंदोलन के अगले चरण की घोषणा बाद में करेंगे।’’
अस्पताल के एक अधिकारी ने बताया, “पीड़िता की मां के माथे, हाथ और पीठ पर चोटें आईं हैं, तथा आंतरिक और बाहरी चोटों की गंभीरता का आकलन करने के लिए उनका सीटी स्कैन और अन्य परीक्षण किए गए हैं।”
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