कोलकाता हिन्दी न्यूज | 13 जुलाई 2026: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता से एक बेहद गंभीर और चिंताजनक मामला सामने आया है। दक्षिण कोलकाता के सर्वे पार्क इलाके में स्थित एक एनजीओ संचालित छात्रावास में कराटे और कुंगफू सिखाने वाले एक मार्शल आर्ट प्रशिक्षक पर नाबालिग छात्राओं के साथ लंबे समय तक यौन शोषण करने का आरोप लगा है।
मामले का खुलासा एक पीड़ित छात्रा की शिकायत के बाद हुआ, जिसके आधार पर पुलिस ने आरोपी को POCSO (यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम) के तहत गिरफ्तार कर लिया है।
आत्मरक्षा सिखाने वाला ही बना शोषण का आरोपी
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी की पहचान प्रसेनजीत दास के रूप में हुई है। वह सर्वे पार्क स्थित एक एनजीओ हॉस्टल में कोषाध्यक्ष के पद पर कार्यरत था। इसके साथ ही वह वहां रहने वाली नाबालिग छात्राओं को कराटे और कुंगफू का प्रशिक्षण भी देता था।
जांच में सामने आया है कि प्रशिक्षण के दौरान वह छात्राओं को अनुचित तरीके से छूता था। कई छात्राएं असहज महसूस करती थीं, लेकिन डर और धमकी के कारण किसी ने शिकायत करने की हिम्मत नहीं जुटाई।
अलग क्लास के बहाने करता था यौन उत्पीड़न
आरोप है कि आरोपी कुछ छात्राओं को “विशेष प्रशिक्षण” देने के नाम पर छात्रावास के सुनसान हिस्सों में ले जाता था और वहां उनके साथ यौन शोषण करता था। विरोध करने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी जाती थी ताकि मामला किसी के सामने न आए।
एक छात्रा की हिम्मत से खुला पूरा मामला
मामले का खुलासा तब हुआ जब दक्षिण कोलकाता के रवींद्र सरोवर क्षेत्र की रहने वाली एक नाबालिग छात्रा, जो पारिवारिक परिस्थितियों के कारण इस छात्रावास में रह रही थी, मानसिक रूप से बेहद परेशान रहने लगी।
छात्रावास के एक अन्य शिक्षक ने उसकी बदली हुई मानसिक स्थिति को देखते हुए उससे बातचीत की। भरोसा मिलने पर छात्रा ने अपने साथ हो रहे कथित यौन शोषण की पूरी कहानी बताई।
चाइल्ड वेलफेयर कमेटी ने की कार्रवाई
शिकायत मिलने के बाद संबंधित शिक्षक ने छात्रावास प्रबंधन के साथ मिलकर चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) को सूचना दी। समिति के सदस्य छात्रावास पहुंचे, पीड़िता से बातचीत की और प्रारंभिक जांच के बाद उसे सुरक्षित स्थान पर शिफ्ट कर दिया।
सर्वे पार्क थाने को सौंपा गया मामला
पीड़िता की ओर से पहले रवींद्र सरोवर थाना में शिकायत दर्ज कराई गई। चूंकि घटना सर्वे पार्क थाना क्षेत्र की थी, इसलिए वहां जीरो एफआईआर दर्ज कर मामला सर्वे पार्क पुलिस को भेज दिया गया।
जांच के बाद पुलिस ने आरोपी प्रसेनजीत दास को गिरफ्तार कर लिया। उसके खिलाफ POCSO Act सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है।
क्या और भी छात्राएं हुईं शिकार?
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितनी अन्य नाबालिग छात्राओं को अपना शिकार बनाया। जांच अधिकारी छात्रावास की अन्य छात्राओं और कर्मचारियों से भी पूछताछ कर रहे हैं। यदि और पीड़ित सामने आते हैं तो मामले में अतिरिक्त धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं।
बाल सुरक्षा पर फिर उठे सवाल
इस घटना ने बच्चों की सुरक्षा, छात्रावासों की निगरानी व्यवस्था और एनजीओ संस्थानों में नियुक्त कर्मचारियों के सत्यापन को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बच्चों के साथ काम करने वाले सभी कर्मचारियों की नियमित पृष्ठभूमि जांच और संवेदनशील निगरानी व्यवस्था अनिवार्य होनी चाहिए।
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