कोलकाता हिन्दी न्यूज | 02 जुलाई 2026: कोलकाता की ऐतिहासिक ट्राम सेवा को नए स्वरूप में पुनर्जीवित करने की दिशा में पश्चिम बंगाल सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने घोषणा की है कि जल्द ही कालीघाट मंदिर और दक्षिणेश्वर काली मंदिर के बीच नई एयर कंडीशंड (AC) ट्राम सेवा शुरू की जाएगी। सरकार का दावा है कि इससे श्रद्धालुओं को सुविधा मिलेगी और शहर में ट्रैफिक जाम कम करने में भी मदद मिलेगी।
कालीघाट और दक्षिणेश्वर को जोड़ेगी नई ट्राम सेवा
पार्क स्ट्रीट स्थित एक होटल में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान परिवहन मंत्री अर्जुन सिंह ने कहा कि सरकार कोलकाता के दो प्रमुख धार्मिक स्थलों—कालीघाट और दक्षिणेश्वर—को ट्राम नेटवर्क से जोड़ने जा रही है।
उनके अनुसार, यह परियोजना धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने के साथ-साथ शहर की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को भी मजबूत करेगी। श्रद्धालुओं को सड़क यातायात की तुलना में अधिक आरामदायक और पर्यावरण-अनुकूल विकल्प मिलेगा।
सड़क के बीच नहीं, बाईं ओर चलेगी ट्राम
ट्राम के कारण ट्रैफिक जाम की शिकायतों को देखते हुए सरकार ने नई योजना तैयार की है।
परिवहन मंत्री ने बताया कि नई ट्राम सड़क के बीच से नहीं, बल्कि बाईं ओर बनाए जाने वाले विशेष ट्रैक पर चलेगी। इसके लिए नई ट्राम लाइनें बिछाई जाएंगी ताकि सामान्य यातायात प्रभावित न हो।
उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि शहर में आधुनिक नई AC ट्राम चलाई जाएंगी, जो यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराएंगी।
न्यू टाउन और सॉल्ट लेक तक भी होगा विस्तार
सरकार केवल कालीघाट-दक्षिणेश्वर रूट तक ही सीमित नहीं रहना चाहती। अर्जुन सिंह ने बताया कि भविष्य में न्यू टाउन, सॉल्ट लेक और राजारहाट तक भी ट्राम सेवा का विस्तार करने की योजना है।
इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने ट्राम नेटवर्क के पुनरुद्धार का विस्तृत अध्ययन करने की जिम्मेदारी राइट्स (RITES) को सौंपी है। सर्वेक्षण का काम शुरू हो चुका है और उसकी रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
470 नई सरकारी बसें भी आएंगी
राज्य सरकार सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए बस बेड़े का भी विस्तार करेगी।
परिवहन मंत्री ने घोषणा की कि जल्द ही 470 नई सरकारी बसें सड़क पर उतारी जाएंगी। ये बसें मौजूदा बसों के साथ मिलकर संचालित होंगी, जिससे यात्रियों को बेहतर और अधिक सुविधाजनक परिवहन उपलब्ध होगा।
सरकार ने पहले ही महिलाओं के लिए सरकारी बसों में मुफ्त यात्रा की सुविधा लागू की है। इसके बाद से सरकारी बसों की संख्या बढ़ाने की मांग लगातार उठ रही थी।
150 साल पुरानी ट्राम विरासत को मिलेगा नया जीवन
कोलकाता ट्राम केवल परिवहन का साधन नहीं, बल्कि शहर की ऐतिहासिक पहचान भी है। करीब 150 वर्ष पुरानी इस विरासत को संरक्षित करने के साथ-साथ आधुनिक स्वरूप देने की दिशा में राज्य सरकार ने पहल तेज कर दी है।
यदि यह परियोजना तय समय पर पूरी होती है, तो कोलकाता एक बार फिर आधुनिक सुविधाओं से लैस ट्राम नेटवर्क के जरिए अपनी ऐतिहासिक पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकेगा।
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