Thousands of government employees took to the streets in Kolkata to protest demanding a DA hike.

कोलकाता में DA बढ़ाने की मांग को लेकर कर्मचारियों का प्रदर्शन, राज्य सरकार पर दबाव बढ़ा

  • महंगाई भत्ता बढ़ाने की मांग तेज, कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी – मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन होगा और बड़ा

कोलकाता न्यूज डेस्क | 7 मार्च 2026: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में राज्य सरकारी कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता (DA) बढ़ाने की मांग को लेकर बड़ा प्रदर्शन किया।

शहर के प्रमुख इलाकों में हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए और राज्य सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों का कहना है कि लगातार बढ़ती महंगाई के बीच उन्हें मिलने वाला महंगाई भत्ता पर्याप्त नहीं है।

प्रदर्शन के कारण शहर के कई इलाकों में यातायात भी प्रभावित हुआ। खासकर एस्प्लेनेड और आसपास के क्षेत्रों में ट्रैफिक जाम की स्थिति देखने को मिली। पुलिस ने व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त बल तैनात किया था।

कर्मचारियों की मुख्य मांग

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारी संगठनों की मुख्य मांग है कि उन्हें केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर महंगाई भत्ता दिया जाए। कर्मचारियों का कहना है कि केंद्र और राज्य के DA में बड़ा अंतर है, जिससे राज्य के कर्मचारियों को आर्थिक नुकसान हो रहा है।

यह भी पढ़ें:  बंगाल नियुक्ति भ्रष्टाचार मामले में अभिषेक के खिलाफ जांच कहां तक पहुंची?

Thousands of government employees took to the streets in Kolkata to protest demanding a DA hike.

कर्मचारी संगठनों का आरोप है कि कई बार सरकार को इस बारे में ज्ञापन दिया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। इसी कारण कर्मचारियों को सड़कों पर उतरकर विरोध करना पड़ रहा है।

कर्मचारी संगठनों की चेतावनी

कर्मचारी संगठनों के नेताओं ने कहा कि अगर सरकार उनकी मांगों पर जल्द फैसला नहीं करती है तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि आने वाले दिनों में राज्यभर में बड़े स्तर पर प्रदर्शन और हड़ताल भी की जा सकती है।

एक कर्मचारी नेता ने कहा कि बढ़ती महंगाई के कारण परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि सरकार को कर्मचारियों की समस्याओं को समझते हुए जल्द फैसला लेना चाहिए।

सरकार का रुख

राज्य सरकार का कहना है कि आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही महंगाई भत्ता बढ़ाने जैसे फैसले लिए जा सकते हैं। सरकार के सूत्रों के अनुसार, इस मुद्दे पर अभी विचार किया जा रहा है और कर्मचारियों के हितों को ध्यान में रखकर उचित निर्णय लिया जाएगा।

यह भी पढ़ें:  कलकत्ता हाईकोर्ट का 36,000 प्राथमिक शिक्षकों की बर्खास्तगी पर रोक से इनकार

हालांकि सरकार की ओर से अब तक कोई औपचारिक घोषणा नहीं की गई है, जिससे कर्मचारियों में असंतोष बना हुआ है।

आम लोगों की प्रतिक्रिया

प्रदर्शन के कारण शहर में ट्रैफिक प्रभावित होने से आम लोगों को भी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ा। हालांकि कई लोगों का कहना है कि कर्मचारियों की मांगें भी जायज हैं, क्योंकि महंगाई लगातार बढ़ रही है।

कुछ स्थानीय लोगों ने कहा कि अगर कर्मचारियों को उचित भत्ता मिलेगा तो इससे उनकी आर्थिक स्थिति बेहतर होगी।

आगे क्या हो सकता है

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बातचीत से समाधान नहीं निकलता है तो यह आंदोलन और बड़ा रूप ले सकता है। इससे राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और जनजीवन भी प्रभावित हो सकता है।

फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि सरकार कर्मचारियों की मांगों पर क्या फैसला लेती है।

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च करफॉलो करें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *