कोलकाता, 21 नवंबर 2025 छ शुक्रवार सुबह कोलकाता और दक्षिण बंगाल के कई जिलों में अचानक तेज़ झटके महसूस किए गए, जिससे लोग दहशत में घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। विशेषज्ञों के अनुसार, यह झटके बांग्लादेश के नरसिंगदी क्षेत्र में आए 5.5–5.7 तीव्रता के भूकम्प के कारण थे। भूकम्प का समय सुबह लगभग 10:08 बजे (IST) दर्ज किया गया।
🌍 कहाँ आया भूकम्प? कितनी थी तीव्रता?
- भूकम्प का केंद्र नरसिंगदी, बांग्लादेश के पास था।
- रिक्टर स्केल पर इसकी तीव्रता 5.5 से 5.7 के बीच रिकॉर्ड की गई।
- झटके कोलकाता, हावड़ा, नॉर्थ 24 परगना, साउथ 24 परगना, हुगली और नदिया तक महसूस किए गए।
भूकम्प उथली गहराई पर था, इसलिए कंपन तेज़ महसूस हुए और कई सेकंड तक बने रहे।
🏙 कोलकाता में झटकों की स्थिति—लोगों ने क्या बताया?
कोलकाता में अलग-अलग इलाकों से लोगों ने बताया कि—

- मकानों की दीवारें और खिड़कियाँ हिलने लगीं
- सीलिंग फैन और लाइटें हल्का झूलने लगीं
- कई ऊँची इमारतों में लोग घबराकर बाहर निकल आए
- ऑफिस बिल्डिंगों में कुछ सेकंड के लिए निकासी (evacuation) ड्रिल जैसी स्थिति बनी
- स्कूल और कॉलेजों में भी बच्चों को खुले स्थान पर लाया गया
सोशल मीडिया पर भी भूकम्प से संबंधित संदेश और वीडियो कुछ ही मिनटों में वायरल हो गए।
🚨 नुकसान की कोई सूचना नहीं, स्थिति नियंत्रण में
अच्छी बात यह है कि—
- किसी बड़े नुकसान, जनहानि या भवन ढहने की खबर नहीं है।
- कोलकाता पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग ने बताया कि अब तक किसी गंभीर घटना की सूचना नहीं मिली है।
- फिर भी अधिकारियों ने स्थिति पर नज़र बनाए रखी है और भवनों में दरारें या संरचनात्मक क्षति के लिए निरीक्षण जारी है।
⚠ क्यों महसूस हुए कोलकाता में तेज़ झटके?
पूर्वी भारत और बांग्लादेश इंडो-बर्मा भूकम्पीय ज़ोन में स्थित हैं, जो सक्रिय टेकटोनिक प्लेटों से जुड़ा हुआ क्षेत्र है। इस वजह से—
- बांग्लादेश में आने वाले मध्यम तीव्रता वाले भूकम्प भी
- पश्चिम बंगाल, खासकर कोलकाता में
तेज़ महसूस किए जा सकते हैं।
✔ विशेषज्ञों की सलाह — सावधानी बरतें
भूकम्प के बाद विशेषज्ञों और आपदा प्रबंधन विभाग ने कुछ सलाह जारी की हैं:
✔ यदि आप ऊँची इमारत में हों:
- दीवारों, काँच या भारी फर्नीचर से दूर रहें
- लिफ्ट का उपयोग न करें
- आफ्टरशॉक्स (आगे आने वाले हल्के झटकों) की संभावना बनी रहती है
✔ यदि झटकों के दौरान आप बाहर हों:
- पेड़ों, बिजली के खंभों और इमारतों से दूर रहें
- खुली जगहों में खड़े रहें
✔ मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट का उपयोग कम करें
ताकि आपातकालीन सेवाओं का नेटवर्क बाधित न हो।
📌 निष्कर्ष
कोलकाता और आसपास के हिस्सों में आज महसूस हुए भूकम्प के झटकों ने लोगों को एक बार फिर भूकम्प सुरक्षा के महत्व की याद दिलाई है। हालांकि किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है, लेकिन विशेषज्ञों ने भविष्य में संभावित आफ्टरशॉक्स को देखते हुए सतर्क रहने की सलाह दी है।
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