खड़गपुर ब्यूरो | 31 जुलाई 2026: लगातार हो रही बारिश और जल निकासी की समुचित व्यवस्था न होने से कोलाघाट प्रखंड के अनेक गांवों में जनजीवन गंभीर रूप से प्रभावित हो गया है। खेतों में पानी भरने, सड़कों के जलमग्न होने और आवागमन बाधित रहने जैसी समस्याओं को लेकर आज किसान संघर्ष परिषद, सड़क विकास संघर्ष समिति, फूल उत्पादक एवं फूल व्यवसायी समिति तथा परिवहन यात्री समिति की कोलाघाट ब्लॉक शाखा ने प्रखंड विकास अधिकारी (बीडीओ) को 19 सूत्री मांगों का ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल और उनकी बात
प्रतिनिधिमंडल में नारायण चंद्र नायक, कार्तिक चंद्र हाजरा, तपन कुमार माइती और विश्वनाथ भक्त सहित अन्य लोग शामिल थे। प्रतिनिधियों ने कहा कि हर वर्ष बारिश के दौरान जल निकासी की समस्या विकराल रूप धारण कर लेती है, जिससे किसानों और आम लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ता है।
ज्ञापन में प्रमुख मांगें
ज्ञापन में प्रमुख रूप से निम्नलिखित मांगें रखी गईं—
- बारिश के कारण जलभराव से निपटने के लिए सभी निकासी नालों से शीघ्र जलकुंभी हटाना
- बरसात समाप्त होते ही नालों का व्यापक पुनर्निर्माण
- देहाटी लॉकगेट का विद्युतीकरण
- देनान-देहाटी जल निकासी परियोजना को पूर्ण रूप से लागू करना
- रायचक-बाबुआ सड़क की तत्काल मरम्मत और स्थायी सड़क निर्माण
- पथश्री-4 परियोजना के तहत टोपा ड्रेनेज नहर के दोनों किनारों की सड़कों का निर्माण
- कोलाघाट में फ्लावर हब का निर्माण
- पानसिला के नए फूल बाजार को चालू करना
- राष्ट्रीय राजमार्ग-16 के देउलिया में बिजली के खंभे हटाकर बंद पड़े अंडरपास निर्माण को शुरू करना
- देउलिया बाजार और देउलिया-खन्याडीही सड़क जंक्शन पर जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान
- कोलाघाट-जशाड़ और खन्याडीही-धर्मतला मार्ग पर सरकारी बस सेवा पुनः शुरू करना
- कोलाघाट में बस टर्मिनल बनाना
किसानों की फसल संबंधी मांग
किसानों ने कहा कि इस वर्ष भी लगातार बारिश और जल निकासी की बदहाल व्यवस्था के कारण अमन धान की खेती व्यापक रूप से प्रभावित हुई है। इसलिए प्रभावित किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत शीघ्र मुआवजा देने और सरकारी समर्थन मूल्य पर किसानों के घरों में रखे बोरो धान की खरीद की व्यवस्था करने की मांग की गई। साथ ही कोलाघाट रवींद्र शताब्दी महाविद्यालय के नए भवन को जल्द शुरू करने की भी मांग रखी गई।
बीडीओ का आश्वासन
बीडीओ ने प्रतिनिधिमंडल की मांगों को उचित बताते हुए आवश्यक मामलों में शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन दिया।
प्रतिनिधि की चिंता
प्रतिनिधिमंडल के सदस्य नारायण चंद्र नायक ने कहा कि रूपनारायण नदी से मात्र 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित क्षेत्र होने के बावजूद प्रभावी जल निकासी व्यवस्था नहीं होने से पिछले कई वर्षों की तरह इस वर्ष भी लगभग 20 से 25 गांवों की सैकड़ों बीघा कृषि भूमि में अमन धान की बुवाई नहीं हो सकी।
उन्होंने मांग की कि बारिश और जलभराव से प्रभावित सभी किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत जल्द से जल्द मुआवजा उपलब्ध कराया जाए।
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