वाराणसी। पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री जी ने बताया कि इस बार 18 अक्टूबर शनिवार को धनतेरस है। यम के लिए दीपदान समय सायं 5:57 बजे से रात्रि 8:23 बजे तक है। धन्वन्तरि जयन्ती 19 अक्टूबर रविवार को है। दीपावली महापर्व 20 अक्टूबर सोमवार को है।
📌 सोमवार को ही सूर्योदय पूर्व अभ्यङ्ग स्नान यानि रूप चतुर्दशी पर्व है।
📌 20 अक्टूबर सोमवार को महालक्ष्मी पूजन का सर्वश्रेष्ठ समय सायं 7:32 बजे से रात्रि 8:20 बजे तक है।

📌 उक्त समय प्रदोष काल और स्थिर लग्न वृषभ भी है।
📌 इसके पूर्व सोमवार को ही मुख्य प्रदोष काल सायं 5:54 बजे से प्रारम्भ हो जाएगा, जो रात्रि 8:20 बजे तक रहेगा।
📌 स्थिर वृषभ लग्न सायं 7:32 बजे से रात्रि 9:31 बजे तक व स्थिर सिंह लग्न मध्य रात्रि 1:55 बजे से रात्रि (तड़के) 4:07 बजे तक है।
📌 चौघड़िया के अनुसार जिन्हें लक्ष्मी पूजन करना है, वह मध्याह्न 1:38 बजे से सायं 7:29 बजे तक, रात्रि में 12:14 बजे से 1:49 बजे तक, फिर शुभ – अमृत चौघड़िया रात्रि 3:24 बजे से सूर्योदय पर्यंत यथाशक्ति पूजन करें।
📌 उक्त सभी समय में अपनी – अपनी कुल परम्परानुसार दीपावली महापर्व मनाऍं।
📌 वैसे महालक्ष्मी पूजन करने के लिए कोई मुहूर्त्त नहीं होता है। सिर्फ प्रदोष काल में पूजा – अर्चना करने का अत्यधिक महत्त्व है।
📌 21 अक्टूबर मंगलवार को स्नान – दान अमावस्या है।
📌 अन्नकूट महोत्सव, गोवर्धन पूजा, महाराजा बलि पूजा 22 अक्टूबर बुधवार को है।
📌 इसी प्रकार यम द्वितीया भाई दूज 23 अक्टूबर गुरुवार को है।
ज्योतिर्विद रत्न वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो. 99938 74848
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