वाराणसी। अंगारक दोष के उपायों में मुख्य रूप से हनुमान जी की पूजा (चालीसा पाठ, चोला, भोग), मंगल और राहु मंत्रों का जाप, मंगलवार का व्रत, लाल वस्तुओं (गुड़, दाल, वस्त्र) का दान, और भूमि के जो दोष के नकारात्मक प्रभावों को कम करते हैं; इसके अतिरिक्त, रुद्राभिषेक और ज्योतिषीय परामर्श भी महत्वपूर्ण हैं।
📍हनुमान जी से संबंधित उपाय, नियमित पूजा :
📌 पूजा : हर मंगलवार हनुमान जी की पूजा करें, हनुमान चालीसा, सुंदरकांड का पाठ करें।
📌 भोग : हनुमान जी को गुड़ और चने का भोग लगाएं, सिंदूर और चमेली का तेल चढ़ाएं।
📌 व्रत : मंगलवार का व्रत रखना शुभ माना जाता है।
📌 चोला : हनुमान जी को चोला चढ़ाएं (विशेषकर मंगलवार को).
मंत्र और जाप।
📌 मंगल मंत्र : “ॐ भौमाय नमः” का जाप करें।
📌 राहु मंत्र : “ॐ रां राहवे नमः” का जाप करें।
📌 अन्य मंत्र : गायत्री मंत्र और “ॐ नमः शिवाय” का जाप भी लाभकारी है।

📍दान और व्यवहार :
📌 दान : मंगलवार को मसूर दाल, गुड़, लाल वस्त्र, और कोयला दान करें (मात्रा वजन के दसवां बराबर हो सकती है)।
📌 पशु सेवा : गायों, बंदरों को गुड़-चना, और कुत्तों को मीठी रोटी खिलाएं।
📌 क्रोध पर नियंत्रण : अपने क्रोध और वाणी पर संयम रखें।
📍अन्य ज्योतिषीय उपाय :
📌 रुद्राभिषेक : शिवलिंग पर जल चढ़ाते हुए रुद्राभिषेक करना या शिव पूजा करना फायदेमंद है।
📌 रत्न और यंत्र : मंगल यंत्र, मूंगा धारण कर सकते हैं या तांबे का छल्ला पहन सकते हैं।
📌 सोने का तरीका : जमीन के करीब (लो फ्लोर पलंग या दरी पर) सोने का प्रयास करें।
📌 विशेष पूजा : उज्जैन के श्री अंगारेश्वर महादेव मंदिर या मंगलनाथ मंदिर में अंगारक दोष निवारण पूजा करवा सकते हैं।
ज्योतिर्विद रत्न वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो. 99938 74848

ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



