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सन् 2022 में सिंह राशि का वार्षिक राशिफल जानें, पं. मनोज कृष्ण शास्त्री से

।।जानिए सन् 2022 में सिंह राशि का वार्षिक राशिफल।।

सिंह LEO
(म, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
शुभरंग – भगवा व सफेद,
शुभ अंक – 5,
शुभधातु – स्वर्ण,
शुभरत्न – माणिक,
शुभदिन – रविवार
इष्ट – सूर्य व हनुमान,
शुभत्व के लिये – सूर्य के अर्घ्य चढ़ावे,
शुभमास – वैशाख, ज्येष्ठ, कार्तिक,
सामान्य मास – चैत्र,
अशुभ मास – श्रावण, भाद्रपद, आश्विन, मार्गशीर्ष, पौष, माघ।
राशि स्वामी सूर्य है।

सिंह जातक तीव्र बुद्धिमान, स्वाभिमानी, उच्च-अभिलाषी, उदार-हृदय, निडर व आत्मविश्वास से भरपूर, धैर्यवान, उद्यमी, पराक्रमी, गंभीर प्रक़ति, न्याय प्रिय, संवेदनशील, आशावादी दृष्टिकोण, नेतृत्व व संचालन करने की क्षमता, अधिकार पूर्ण वाणी का प्रयोग करने वाला, अपने परिवार की उन्नति के लिये विशेष संघर्ष करने वाला, परिश्रमी, परिस्थिति अनुसार स्वयं को ढाल लेने की प्रकृति, स्पष्टवादी, स्वतंत्र व प्रगतिशील विचारों का अनुयायी, ये किसी प्रकार के बंधन या आधीनता में काम करना पसंद नही करते, भ्रमण प्रिय अर्थात सुदूर देश विदेश में यात्रा करने का शौक होगा। सामान्यतः सिंह जातक उदारता से व्यवहार करते है परन्तु स्वभाव में उग्रता रखते हैं और कई बार आवेश व क्रोध में लाभ की जगह अपनी हानि कर लेते है। आत्म-प्रदर्शन व अत्यधिक हठ भी इनके लिये हानिकारक होती है।

सभी मामलों में ऊर्जावान बने रहते हैं। शांति, संयम, क्रोध भी उतना ही रखते हैं। मानसिक वैचारिक द्वंद्व बना रहता है। निष्कर्ष में संघर्ष होता है। शारीरिक, मानसिक हिम्मत, साहस भी स्वयं को रखना होता है। जातिगत, सामाजिक बंधनों के बजाय स्वयं की अलग पहचान चाहते हैं। थोड़ा विस्तृत देख जाए तो ये जातक जीवन से प्रेम करते हैं, परन्तु उसे स्वयं ही संघर्षपूर्ण भी बना लेते हैं। सृजनात्मक कलाओं के अच्छे प्रशंसक होते हैं। उनकी आवश्यकताएं बहुत तथा खर्चीली होती हैं। पैसा टिकता नहीं। व्यक्तित्व अत्यन्त आकर्षक होता है। उसे और भी अधिक आकर्षक बनाना चाहते हैं। जीवन को पूरी शान के साथ जीना चाहते हैं और इसके लिए अपनी शक्ति का अपव्यय कर बैठते हैं। सिंह राशि के लोग केवल स्वयं ही शक्तिशाली नहीं होते अपितु वे अपनी शक्ति को दूसरों पर प्रक्षेपित भी किया करते हैं। वे अपने को प्रकाशित करने में कभी-कभी अजीब कठोरता का प्रदर्शन भी कर बैठते हैं।

वे चाहते हैं कि अन्य लोग केवल उन्हीं को सुनें। सिंह राशि के लोगों को एकरसता पसन्द नहीं होती है। वे महत्वाकांक्षी, उज्ज्वल चरित्र वाले तथा लगनशील व्यक्ति होते हैं, परन्तु उनकी इच्छा यही रहती है कि पूर्वाधार का निर्माण कोई दूसरा ही कर दे, जिस पर वह स्वतन्त्रतापूर्वक स्वयं चल सकें। स्वतंत्रता, मौलिकता, लक्ष्य-प्राप्ति के लिए आत्म बलिदान की इच्छा सिंह राशि का प्रमुख गुण है। सिंह राशि वाले लोग अपने श्रोताओं के बीच बड़े विश्वास के साथ खड़े होते हैं। नाटक, अध्ययन तथा भाषण आदि के क्षेत्र में वे पर्याप्त उन्नति करते हैं। आतिथ्य करने की उनमें एक स्वाभाविक क्षमता होती है। वे अपने खर्च पर भी दूसरों को प्रसन्न करना चाहते हैं, दूसरों के प्रति जितनी अधिक गुण ग्राहकता का प्रदर्शन करते हैं, स्वयं भी उतनी ही अधिक प्रशंसा प्राप्त करते हैं। सिंह राशि के लोगों के विचार संतुलित तथा रचनात्मक होते हैं। वे अपने से बड़ी आयु के लोगों से भी विचारशील होते हैं। उत्सव, समारोह आदि सम्पन्न करने में अत्यन्त कुशल होते हैं।

अपने मित्रों तथा परिचितों पर उनका प्रभाव पड़ता है। ईमानदार तथा लड़ाकू होते हैं। दूसरों को अपने अनुग्रहों द्वारा सुखी बनाना उन्हें अच्छा लगता है। आज्ञा देना उनके स्वभाव के अनुकूल होता है। आज्ञा प्राप्त करना उन्हें रुचिकर नहीं लगता। सिंह राशि वालों में अनेक प्रतिभाओं के बीज होते हैं, परन्तु उन्हें निरन्तर प्रेरणा की आवश्यकता होती है तथा उसके लिए मूल्य भी चुकाना पड़ता है। उन्हें सुख तथा शान्ति की प्राप्ति अपने ही भीतर से होती है, बाहर से नहीं होती। सिंह राशि वालों के रहस्य रचनात्मक प्रकृति के होते हैं। उनके हृदय में गुप्त घृणा अथवा गुप्त पक्षपात को कोई स्थान नहीं मिलता है। वह अपने भेदों का उपयोग लाभ के लिए करते हैं। सिंह राशि वालों को चहल-पहल की आवश्यकता अनुभव होती है। उनके धन का भण्डार भरा रहना चाहिए, जिसे वह उदारतापूर्वक खर्च करते हैं। खाली हाथ पकड़े जाने का भय उन्हें बहुत चिन्तित रखता है। सिंह राशि के लोग किसी संस्था के अध्यक्ष पद के लिए सर्वोत्तम रहते हैं। यह अन्य लोगों के आकर्षण के केन्द्र होते हैं।

इस वर्ष का गोचर ग्रह न्यास तथा दिनमान का चलन-कलन सामान्य क्रम से ठीक है, साथ ही विगत वर्ष अपेक्षा उत्तरोत्तर समय रचना न्यून प्रभावी भी लगती है। अधिक लोभ प्रलोभन पर नियंत्रण रखें तथा स्थिर विचार स्थिर कार्य रचना बुद्धि नियामक हेतु विशेष लक्ष्य साधना रखावें। सुयोग का प्रभाव 65 वर्ग का तो कुयोग का निर्माण 35 प्रतिशत का बना है। इसी अनुपात से जन-जीवन में फलावट समझें। कुयोग रचना वृद्धिवश परिवार सुख- स्त्री सन्तान सुख पक्ष में कमी तथा मनोविकार बनें। कार्य प्रभाव विशेष तथा श्रम साधना अनुकूल लाभांश में कमी रहें। मित्र, बान्धव, सहयोगी वर्ग से मनोविकार भी बनें। सुयोग गतिचारवश आरोग्य स्वास्थ्य विषयक प्रतिफल। ठीक, नित्य का कार्य गतिचार ठीक चलते आर्थिक लाभ आमद का गतिक्रम यथावत सार्थक रहे। ज्येष्ठ-आषाद- श्रावण मास का समय चक्र विशेष कर ठीक नहीं समझें। विरोधाभासी जीवों का विकास बनें, परन्तु परिणामतः प्रतिफल नेष्ट सूचक नहीं। संरक्षा समाधान हेतु नित्य एक घंटे का मौन व्रत तथा गुरुवार का व्रत रखना सुख शान्ति विधायक समझें।

इस वर्ष 12 अप्रेल से नवम स्थान में राहु भाई-बहिनों से कष्ट या उनसे वैमनस्य की स्थिति बनायेगा। मानसिक व्यथा रहेगी। भाग्य की दृष्टि से सूर्य का 14 अप्रेल से 16 जुलाई तक अनुकूल गोचर भ्रमण भाग्योन्नतिकारक रहेगा। 26 जून से मंगल भी वर्ष पर्यन्त अनुकूल रहेगा जिससे राहु के अशुभ प्रभाव को श्रम-संघर्ष इष्ट कृपा से दूर करने में सफलता मिलेगी। 13 अप्रेल से आठवें स्थान में गुरु स्वराशि में प्रवेश करेगा। अतः यात्रा प्रवास से कष्ट, पुत्र सन्तान से विरोध, किसी घटना से मानसिक कष्ट व्यय वृद्धि तथा स्वास्थ्य में शिथिलता अनुभव होगी। वर्ष में 29 अप्रेल से शनि सातवें स्थान में लोहपाद से गतिशील होगा। फलतः शरीर पीड़ा, रक्त विकार, पुत्र-पशुधन पीड़ा, व्यापार में हानि, राजपक्ष से भय तथा आर्थिक कष्ट अनुभव होंगे।

4 जून से शनि वक्री होकर 12 जुलाई से पुनः छठे स्थान में छः मास तक रजतपाद से शुभ फलदायक रहेगा। फलतः कार्य व्यवसाय में लाभ, धन-धान्य – सम्पदा की वृद्धि, भूमि लाभ, घर में मांगलिक कार्य सम्पन्न होंगे। पुरुषार्थ-प्रभाव में वृद्धि होगी। शत्रुओं का नाश होगा। 17 जनवरी 2023 से शनिदेव पुनः सातवें स्थान में लोहपाद से ही गतिशील होंगे। फलतः घरेलू सुख में कमी, मानसिक अशांति, भाग्य हानि, राज्य से भय, धन हानि शारीरिक आरोग्यता में कमी आदि अशुभ फल अनुभव होंगे। सारांशतः वर्ष के अंतिम भाग में श्रम-संघर्ष अधिक रहेगा। सूर्य उपासना/गायत्री उपासना लाभदायक सिद्ध होगी।

।।मासिक राशिफल।।

जनवरी : सम्मान प्राप्त होगा। स्वास्थ्य में थोड़ी दिक्कत का सामना करना पड़ेगा। कार्यक्षेत्र में प्रशंसा मिलेगी। अड़ियल व्यवहार छोड़ने से कार्य आसानी से पूर्ण होंगे। वाणी ही मित्र व शत्रु बनायेगी। दाम्पत्य जीवन खुशहाल होगा एवं आजाद महसूस करेंगे।
माह की 1, 2, 3, 10, 11, 12, 18, 19, 20, 21, 28, 29 व 30 अत्यंत लाभप्रद होगी।

फरवरी : शिक्षा के क्षेत्र में निराशा मिल सकती है। कार्यक्षेत्र में आप समझौतावादी नहीं होंगे एवं पैसे का सदुपयो करेंगे। आध्यात्म की ओर रुझान बढ़ेगा। परिवार के साथ सहयोग बढ़ेगा। मनोरंजन में अधिक समय व्यतीत होगा।
माह की 2, 3, 9, 11, 12, 18, 20, 21 व 29 तारीख शुभ है।

मार्च : सचेत रहने की आवश्यकता है। मौसमी बीमारियों से ग्रस्त होंगे। शुभचिंतकों से ही उलझ जायेंगे। संतान पक्ष से लाभ होगा। सूर्य व गुरु की सप्तम भाव में युति आपको मजबूती देगी। धन के मामले में सचेत रहे, अन्यथा डूब जायेगा।
माह की 2, 3, 5, 6, 8, 9, 10, 11, 12, 21, 24 व 28 तारीख शुभ है।

अप्रैल : धन हानि के योग हैं। चलते कार्यों में रुकावट आयेगी एवं गुप्त शत्रुओं से सावधान रहे। परिवार में सामंजस्य स्थापित रखे अन्यथा कलह अनियंत्रित हो जायेगा। योग, आध्यात्म में रुचि बढ़ेगी एवं कार्यक्षेत्र में उन्नति होगी। खर्च पर नियंत्रण रखें।
माह की 5, 10, 15, 20, 21, 23 व 24 तारीख सर्वश्रेष्ठ है।

मई : उच्च शिक्षा के लिए उत्तम माह। परिवार के मामले एवं पुश्तैनी जायदाद में उलझे रहेंगे। पुराने रिश्तों में हलचल होगी, चाहे वह शत्रु ही हो। सम्पर्क व संवाद के लिए समय उत्तम है, लाभ के मौके बढ़ेंगे। कार्यक्षेत्र की समस्या सुलझेगी।
माह की 1, 2,10,11, 20, 21 व 26 तारीख श्रेष्ठ है।

जून : विदेश यात्रा का योग है। परिवार में कलह का माहौल हो सकता है। जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा, जिससे मन प्रसन्न होगा। कार्यक्षेत्र में सहयोगी विश्वासघात करेंगे। वाहन दुर्घटना के योग है। लोगों के सामने अपनी मान-बडाई न करे, अन्यथा ईर्ष्या से लोग हानि करेंगे। वरिष्ठजनों का परामर्श लाभ देगा। उच्चाधिकारियों से कार्यक्षेत्र में तरक्की होगी।
माह की 3, 4, 5, 6, 9, 12, 14, 21, 23 व 24 तारीख शुभकर है।

जुलाई : धार्मिक कार्यों के लिए यह माह अत्यंत लाभकारी है। असंतोष के भाव से त्रस्त रहेंगे। अहंकार को त्यागने से लोग आपको समझ पायेंगे। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा एवं विरोधी भी आपके प्रशंसक होंगे। भूमि-भवन में निवेश होगा। केतु का तृतीयभावस्थ गोचर पराक्रम में वृद्धि करेगा। क्रोध को नियंत्रित रखे।
माह की 4, 6, 8, 13, 14, 15, 22, 23 व 24 तारीख की विशेष सावधानी बरतें।

अगस्त : परिवार के साथ छुट्टी पर जा सकते हैं। रोजमर्रा की समस्याओं से मुक्त होंगे एवं इस समय कोई बड़ा निर्णय करेंगे। परिवार का सहयोग प्रसन्नता देगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी मिलेगी। निजी समस्याओं के कारण मानसिक संताप होगा। आपकी विनम्रता से लोग प्रसन्न होंगे। कॅरियर के लिए मध्यम समय है।
माह की 1, 3, 10, 12, 21 व 28 तारीख किसी भी कार्य के लिए शुभ है।

सितम्बर : आकस्मिक धनप्राप्ति के योग हैं। शत्रु प्रबल होंगे। महिलाओं को कार्यक्षेत्र में तकलीफ होगी। वाहन से त्रस्त होंगे। आपके नरम रुख का लोग गलत फायदा उठायेंगे। कार्यक्षेत्र में नये प्रयोग सफलतादायक होंगे। धन के अपव्यय से बचें। विज्ञान से जुड़े लोगों को नये प्रयोग के लिए प्रोत्साहन मिलेगा।
माह की 1, 10, 19, व 28 तारीख को कुछ नया काम कर सकते हैं।

अक्टूबर : मकान, दूकान, ऑफिस, इत्यादि में पैसा लगा सकते हैं। घर में नवीनीकरण को लेकर चिंतित रहेंगे। उच्चाधिकारियों से तालमेल अच्छा रहेगा। मांगलिक कार्यों में समय व्यतीत होगा। सहकर्मी आपको संतुष्ट नहीं कर पायेंगे। स्वास्थ्य को लेकर धन का व्यय होगा। दाम्पत्य जीवन में सुख मिलेगा। आपका हुनर लोगों की नजरों में आयेगा।
माह की 8, 9, 17, 18, 26व 27 तारीख श्रेष्ठ है।

नवम्बर : निकट सम्बन्धियों के व्यव्हार को लेकर चिंतित रहेंगे। अटका हुआ पैसा प्राप्त होगा। नये निवेश के योग बनेंगे। मानसिक आघात होगा। आपका हुनर आपको नित नए सोपान पर ले जायेगा एवं शत्रु परास्त होंगे।
माह की 11, 12, 14, 15, 18, 20, 21, 23, 27, 28व 30 तारीख हितकर होगी।

दिसम्बर : अपने लक्ष्य को ओझल न होने दें। सप्तम भावस्थ चन्द्रमा की स्थिति से जीवनसाथी से संबंध सुधरेंगे। अध्ययन में गतिरोध उत्पन्न होगा। महिला मित्र सहयोग करेगी। राहु का मंगल की राशि में गोचर आपको उद्विम करेगा। कागजों पर हस्ताक्षर में सावधानी बरतें। भौतिक सुख के पीछे पागल न हो, यह दुःख देगा। निरंतर प्रयास ही आपको अपने लक्ष्य से मिलाएगा।
माह की 4, 13, 16, 17, 22 व 25 तारीख को सावधानी बरतें।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क करें
9993874848

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