वाराणसी । अमावस्या दोष कैसे देखें? जब सूर्य जन्म कुंडली में चंद्रमा के साथ एक ही घर में मौजूद होता है, तो यह अमावस्या दोष कहलाता है। अमावस्या तिथि दोष के अंतर्गत आती है। अमावस्या की तिथि एक वैदिक चंद्र दिवस है जिसकी गणना पूर्णिमा या अमावस्या से की जाती है। चंद्रमास के प्रत्येक दिन चंद्रमा सूर्य से 12 डिग्री दूर या पास होता है। अमावस्या जैसी तिथि में जन्मे जातक की कुंडली में अमावस्या दोष होता है, जिसे अशुभ माना जाता है, क्योंकि अमावस्या की तिथि पर राहु शासन करता है।

अमावस्या दोष के लक्षण या प्रभाव : जन्म कुंडली में अमावस्या दोष के कारण व्यक्ति को अपने जीवन में कई तरह की बाधाएं और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
* नीचे अमावस्या दोष के नुकसान बताए गए है।
* माता के साथ संबंध अच्छे नहीं खराब हो सकते हैं।
* जातक माता के आशीर्वाद से वंचित रह सकता है।
* जातक और परिवार पर कई विपत्तियां आ सकती हैं।
* मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है।
* वित्तीय (धन) संकट का सामना करना पड़ सकता है।
* करियर में बाधाएं आ सकती हैं।

अमावस्या दोष के उपाय : हमारा अपने जन्म के समय के ग्रह नक्षत्रों पर तो कोई नियंत्रण नहीं है लेकिन हम इनकी स्थिति से बनने वाले दोष और बुरी परिस्थितियों से बचने के लिए वैदिक ज्योतिष के कुछ उपायों का उपयोग कर सकते हैं। नीचे अमावस्या दोष के उपाय बताए गए है।

* प्रत्येक अमावस्या के दिन पूर्वजों के लिए तर्पण करें।
* अपने बड़ों का, विशेषकर माता-पिता का अनादर न करें।
* अमावस्या के दिन गरीबों और जरूरतमंदों को चावल, गुड़, दूध जैसी खाद्य सामग्री का दान करें।
* देवी काली की पूजा करें क्योंकि वह अमावस्या दोष के लिए पूजा की जाने वाली मुख्य देवी हैं।
* शिव की पूजा करें और सोमवार को ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का 108 बार जाप करें क्योंकि शिव चंद्रमा पर शासन करते हैं।
* अमावस्या के दिन शाकाहारी भोजन ग्रहण करें।

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पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री

ज्योतिर्विद वास्तु दैवज्ञ
पंडित मनोज कृष्ण शास्त्री
मो. 9993874848

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