कोलकाता, 21 नवंबर 2025 : कोलकाता में स्थित McPherson Square, जिसे स्थानीय लोग महाराणा प्रताप उद्यान के नाम से जानते हैं, में चल रहे पार्क सौंदर्यीकरण कार्य को Kolkata Municipal Corporation (KMC) ने तत्काल प्रभाव से रोक दिया है।
यह निर्णय तब लिया गया जब निरीक्षण के दौरान पता चला कि परियोजना के तहत लगभग 5,000 वर्ग फीट हरी जगह और पौधों को हटा दिया गया था।
यह कार्रवाई तब और चर्चा में आ गई जब यह खबर The Times of India की रिपोर्ट में सामने आई, जिसके बाद पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय निवासियों में नाराज़गी देखी जा रही है।

🌱 क्या पाया गया निरीक्षण में?
KMC अधिकारियों ने बताया कि—
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सौंदर्यीकरण के नाम पर पौधों, लड़कियों और हरियाली की बड़ी मात्रा हटाई गई
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कई जगहों पर अत्यधिक सीमेंट, टाइल्स और कंक्रीट संरचनाएँ बनाई जा रही थीं
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पार्क की प्राकृतिक पारिस्थितिकी (इकोसिस्टम) पर इसका सीधा असर पड़ रहा था
रिपोर्ट के अनुसार, यह कार्य मूल DPR (Detail Project Report) और पर्यावरणीय दिशा-निर्देशों के अनुरूप नहीं था।
🌟 विवाद की वजह
- उद्यान में लॉन और पेड़ों की कटाई से हरियाली कम हो गई।
- नागरिकों का कहना है कि यह जगह पहले से ही शहर के बीचोंबीच ‘ग्रीन लंग्स’ की तरह काम करती थी।
- सौंदर्यीकरण के नाम पर हरियाली हटाने को पर्यावरण विरोधी कदम बताया जा रहा है।
⚠ कार्य एजेंसी को Show Cause Notice
KMC ने परियोजना संभालने वाली एजेंसी को Show Cause Notice जारी किया है और पूछा है कि—
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बिना अनुमति हरियाली क्यों हटाई गई?
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क्या DPR से हटकर निर्माण कार्य किया गया?
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किन अधिकारियों ने इसकी अनुमति दी?
एजेंसी से 7 दिनों के भीतर जवाब मांगा गया है। यदि स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं हुआ तो कॉन्ट्रैक्ट रद्द करने की संभावना भी जताई जा रही है।
👥 नागरिकों और कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया
- स्थानीय निवासियों ने कहा कि उद्यान का प्राकृतिक स्वरूप बिगाड़ना शहर के पर्यावरण संतुलन के लिए नुकसानदेह है।
- पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने मांग की है कि सौंदर्यीकरण योजनाओं में हरियाली को संरक्षित किया जाए।
- सोशल मीडिया पर भी इस मुद्दे को लेकर तेज़ बहस छिड़ गई है।
- प्रमुख चिंताएँ: बिना व्यापक सार्वजनिक परामर्श के इतनी बड़ी हरियाली हटाना गलत बताया गया है।
🥀 2. पार्क का ‘कंक्रीटाइजेशन’
अत्यधिक सीमेंट के इस्तेमाल से
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मिट्टी की गुणवत्ता घटती है
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बारिश का पानी सोखने की क्षमता कम होती है
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स्थानीय जीव-जंतुओं (पक्षी, तितलियाँ) का आवास नष्ट होता है
🌡 3. शहर के ‘हीट-आइलैंड इफेक्ट’ में बढ़ोतरी
कोलकाता पहले ही गर्मी और प्रदूषण की समस्या झेल रहा है; हरियाली हटाने से स्थिति और खराब हो सकती है।
कई कार्यकर्ता चाहते हैं कि KMC इस तरह के प्रोजेक्ट के लिए पहले environment-impact assessment (EIA) अनिवार्य करे।
🏞 स्थानीय निवासी क्यों नाराज़?
स्थानीय लोगों का कहना है कि—
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पार्क के पुराने पेड़-पौधों से काफी भावनात्मक जुड़ाव था
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बच्चों, बुजुर्गों और मॉर्निंग वॉकर्स के लिए यह स्थान बेहद महत्वपूर्ण था
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अचानक बदलाव और हरियाली हटने से पार्क का प्राकृतिक रूप बिगड़ रहा है
कई निवासी चाहते हैं कि पार्क को उसके प्राकृतिक स्वरूप में ही विकसित किया जाए, न कि अत्यधिक कॉंक्रीट संरचनाओं से।
✔ सावधानी: आप क्या कर सकते हैं?
यदि आप इस या किसी अन्य पार्क में जाते हैं:
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हरे क्षेत्रों में बदलाव, पौधों का हटना, या नए निर्माण को नोटिस करें
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किसी अनियमितता को KMC के हेल्पलाइन/वेबसाइट पर रिपोर्ट करें
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स्थानीय पर्यावरण समूहों के साथ मिलकर सामुदायिक मॉनिटरिंग में शामिल हों
यह कदम शहरी पर्यावरण और बायोडायवर्सिटी की सुरक्षा में मदद करता है।
📚 पृष्ठभूमि
- McPherson Square को हाल ही में महाराणा प्रताप उद्यान नाम दिया गया था।
- यह उद्यान कोलकाता के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों में गिना जाता है।
- पहले भी शहर में पार्कों और हरियाली को लेकर विवाद और जन आंदोलन होते रहे हैं।
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