बॉलीवुड डेस्क, मुंबई | 04 अगस्त 2026: हिंदी सिनेमा में कुछ जोड़ियां ऐसी बनीं, जिन्हें लोग सिर्फ फिल्मों या गानों से नहीं, बल्कि एक खास एहसास के रूप में याद करते हैं। ऐसी ही एक जोड़ी थी, अभिनेता राजेश खन्ना और गायक किशोर कुमार की।
पर्दे पर राजेश खन्ना की मुस्कान और किशोर कुमार की आवाज ने मिलकर ऐसा जादू चलाया कि कई गाने आज भी लोगों की जुबान पर हैं।
इस मशहूर जोड़ी के पीछे एक दिलचस्प कहानी भी है। कहा जाता है कि किशोर कुमार किसी भी कलाकार के लिए गाना गाने से पहले उसे समझना चाहते थे और इसी वजह से उन्होंने राजेश खन्ना से मुलाकात कर उन्हें परखा था।
किशोर कुमार की शुरुआती जिंदगी
किशोर कुमार का जन्म 4 अगस्त 1929 को मध्य प्रदेश के खंडवा में हुआ था। उनका असली नाम आभास कुमार गांगुली था। उनके पिता कुंजलाल गांगुली वकील थे और परिवार का फिल्मी दुनिया से जुड़ाव उनके बड़े भाई अशोक कुमार के कारण हुआ।
अशोक कुमार हिंदी सिनेमा के बड़े अभिनेता बन चुके थे, जिसके बाद किशोर कुमार भी मुंबई पहुंचे।
शुरुआत में किशोर कुमार का सपना बड़ा गायक बनने का नहीं था। उन्होंने फिल्मों में अभिनय भी किया, लेकिन धीरे-धीरे उन्हें एहसास हुआ कि संगीत ही उनकी असली पहचान है। शुरुआती दौर में वह महान गायक केएल सहगल से प्रभावित थे, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी अलग शैली बनाई।
‘आराधना’ से शुरू हुआ जादुई सफर
किशोर कुमार के करियर में साल 1969 की फिल्म ‘आराधना’ एक बड़ा मोड़ लेकर आई। संगीतकार एसडी बर्मन और निर्देशक शक्ति सामंत चाहते थे कि राजेश खन्ना के लिए किशोर कुमार आवाज दें।
उस समय राजेश खन्ना नए कलाकार थे और किशोर कुमार किसी नए अभिनेता के लिए बिना उसे जाने गाना नहीं चाहते थे।
कहा जाता है कि किशोर कुमार ने साफ कहा कि वह पहले राजेश खन्ना से मिलना चाहते हैं। इसके बाद राजेश खन्ना को किशोर कुमार के घर भेजा गया। दोनों की मुलाकात हुई और किशोर कुमार राजेश खन्ना के व्यक्तित्व से प्रभावित हुए। इसके बाद उन्होंने उनके लिए गाने की हामी भर दी।
फिल्म ‘आराधना’ के गाने ‘मेरे सपनों की रानी’ और ‘रूप तेरा मस्ताना’ जब रिलीज हुए तो पूरे देश में छा गए। इन गानों ने न सिर्फ किशोर कुमार को नई ऊंचाई दी, बल्कि राजेश खन्ना को भी सुपरस्टार बनाने में बड़ी भूमिका निभाई।
रिकॉर्ड तोड़ साझेदारी
राजेश खन्ना और किशोर कुमार की साझेदारी इतनी मजबूत हुई कि किशोर कुमार ने राजेश खन्ना पर फिल्माए गए करीब 245 गाने गाए। दोनों ने लगभग 92 फिल्मों में साथ काम किया। यह रिकॉर्ड हिंदी सिनेमा की सबसे यादगार गायक-अभिनेता जोड़ियों में गिना जाता है।
‘अमर प्रेम’, ‘कटी पतंग’ और ‘हाथी मेरे साथी’ जैसी फिल्मों के गाने आज भी अमर हैं। किशोर कुमार ने आठ बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीता। 13 अक्टूबर 1987 को दिल का दौरा पड़ने से उनका निधन हो गया।
निष्कर्ष: राजेश खन्ना और किशोर कुमार की जोड़ी सिर्फ गायक और अभिनेता की साझेदारी नहीं, बल्कि हिंदी सिनेमा के स्वर्णिम युग की सबसे यादगार निशानी बन गई। उनकी मुलाकात की कहानी आज भी सिनेमा प्रेमियों को रोमांचित करती है।
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