तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। अरण्य सप्ताह 2026 के तहत बाजकुल फॉरेस्ट रेंज ने खेजुरी के निजकसबा बीट कार्यालय परिसर को हरियाली और पर्यावरण जागरूकता का केंद्र बना दिया। पश्चिम बंगाल सरकार के 14 से 20 जुलाई तक चल रहे अभियान के अंतर्गत आयोजित इस वन महोत्सव में स्थानीय लोगों, विद्यार्थियों और प्रशासनिक अधिकारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। कार्यक्रम के आयोजन में केयर ऑफ खेजुरी संस्था ने सहयोग किया।
कार्यक्रम की शुरुआत इस वर्ष के वन महोत्सव के मैस्कॉट ‘रुद्र’ और ‘किरण’ के साथ जागरूकता रैली से हुई। रैली में वन संरक्षण, जैव विविधता बचाने, मैंग्रोव की सुरक्षा और अधिकाधिक वृक्षारोपण का संदेश दिया गया।
मुख्य अतिथि के रूप में खेजुरी के विधायक सुब्रत पाइक उपस्थित रहे। उनके साथ खेजुरी-2 के बीडीओ, बाजकुल फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर, खेजुरी पंचायत समिति के वन एवं भूमि कर्माध्यक्ष, निजकसबा ग्राम पंचायत के प्रधान एवं उपप्रधान, संबंधित बीट ऑफिसर, वन विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तथा अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे।
कार्यक्रम में “एक पेड़ मां के नाम” अभियान के तहत टी-शर्ट पेंटिंग प्रतियोगिता आकर्षण का केंद्र रही। इसके अलावा “हारिए जाओया छद्मबेश” विषय पर फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, नृत्य, गीत, कविता पाठ और वन वंदना ने आयोजन को सांस्कृतिक रंग दिया। विभिन्न प्रजातियों के बीजों से सीड बॉल तैयार कर उनका वितरण और निक्षेपण भी किया गया, ताकि भविष्य में अधिक से अधिक पौधे विकसित हो सकें।
वन विभाग ने बड़ी संख्या में विद्यार्थियों, पर्यावरण प्रेमियों और स्थानीय लोगों के बीच पौधों का वितरण किया। वक्ताओं ने तटीय क्षेत्रों के वनों और मैंग्रोव संरक्षण को जलवायु संतुलन के लिए बेहद महत्वपूर्ण बताते हुए लोगों से पर्यावरण संरक्षण को जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया।
कार्यक्रम के अंत में राज्य सरकार के 1 करोड़ 10 लाख पौधारोपण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी से कम से कम एक पौधा लगाने और उसकी जिम्मेदारी के साथ देखभाल करने की अपील की गई। वन महोत्सव ने यह संदेश दिया कि प्रकृति की रक्षा ही आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की सबसे बड़ी गारंटी है।
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