खड़गपुर ब्यूरो | 27 जुलाई 2026: पत्रकारों पर बढ़ते हमलों और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर हो रहे प्रहार के विरोध में प्रेस क्लब ऑफ़ खड़गपुर ने रविवार को जोरदार विरोध-प्रदर्शन किया।
सुबह 11:30 बजे खड़गपुर रेलवे स्टेशन के समीप बोगदा पोस्ट ऑफिस से न्यू स्टेशन बिल्डिंग तक निकाली गई रैली में पत्रकारों ने स्पष्ट संदेश दिया कि “पत्रकारिता कोई जुर्म नहीं है, पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र पर हमला है।”
रैली में लगे नारे
रैली में पत्रकारों ने “पत्रकारों पर हमला निंदनीय है”, “प्रेस की आज़ादी के लिए खड़े हों”, “पत्रकारों की रक्षा करें” और “लोकतंत्र की रक्षा करें” जैसे नारों के साथ शांतिपूर्ण मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि सच लिखने और दिखाने वाले पत्रकार ही असुरक्षित होंगे तो लोकतंत्र की बुनियाद कमजोर होगी।
वक्ताओं का संबोधन
सभा को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि आज देश के विभिन्न हिस्सों में पत्रकारों पर हमले, धमकियां और उत्पीड़न की घटनाएं चिंता का विषय बनती जा रही हैं।
ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पत्रकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार तथा प्रशासन की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि स्वतंत्र और निर्भीक पत्रकारिता ही लोकतंत्र की सबसे बड़ी ताकत है और इस पर किसी भी प्रकार का हमला स्वीकार नहीं किया जा सकता।
प्रेस केवल खबरें नहीं देता, बल्कि जनता की आवाज़ को शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का माध्यम है। इसलिए पत्रकारों की सुरक्षा और प्रेस की स्वतंत्रता की रक्षा पूरे समाज की जिम्मेदारी है।
उपस्थित सदस्य
रैली और सभा में दीपक कुमार दास गुप्ता, अभिमन्यु गुप्ता, जितेश बोरकर, सुमन कुमार दास, सुभाष लाल, अजय कुमार, राजेंद्र राव, डी. भानु नायडू, मानिक मंडल, मनीष रामटेके, तारकेश ओझा सहित प्रेस क्लब ऑफ़ खड़गपुर के अनेक सदस्य और पत्रकार उपस्थित रहे।
निष्कर्ष: कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक स्वर में संकल्प लिया कि पत्रकारों पर किसी भी प्रकार के हमले का लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा तथा प्रेस की स्वतंत्रता और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संघर्ष जारी रहेगा।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।



