तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत खड़गपुर के हृदयस्थल हिजली में, जहाँ ज्ञान की नदी अमर प्रवाहमान है, वहाँ हिजली कॉलेज ने अपने तीस वर्षों का स्वर्णिम अध्याय पूर्ण किया। यह स्थापना दिवस ऐसा था मानो सूर्योदय की प्रथम किरण चंद्रमा को चुनौती दे रही हो।
पूर्ण गरिमा और सम्मान के साथ भव्य समारोह ने आकाश को स्पर्श किया। रंग-बिरंगी प्रभात फेरी की धुनें, फूलों की वर्षा सी बरसीं और संस्थापक प्रोफेसर जी.एस. सान्याल की प्रतिमा पर माल्यार्पण हुआ, जैसे भक्त हृदय में आराध्य को अर्पित कर रहे हों।
उपस्थित हुए खड़गपुर-1 ब्लॉक के बीडीओ सौमेन दास, जो प्रशासन की धुरी सरीखे, कॉलेज अध्यक्ष अमरेंद्र चक्रवर्ती – ज्ञान के सूर्य समान, प्राचार्य डॉ. आशीष कुमार दंडपत – शिक्षा के सरित प्रवाहक तथा एलुमनाई एसोसिएशन के अध्यक्ष असित पाल सहित सभी प्राध्यापक-प्राध्यापिकाएँ, छात्र-छात्राएँ और शिक्षाकर्मी।

यह समारोह था ऐसा मानो ज्ञान का महासागर उफान मार रहा हो, लहरें-लहरें प्रतिभाएँ उभर रही हों।दीप प्रज्वलन से प्रज्वलित हुआ प्रकाश का दीपस्तंभ, वृक्षारोपण से पुष्पित हुआ पर्यावरण का वन, हर पत्ता नवजीवन का संदेश देता।
फिर आया सांस्कृतिक संगीत का सुरमय पर्व, जहाँ आकाशवाणी-दूरदर्शन के प्रख्यात कलाकार सबिताब्रत राय एवं संघमित्रा दास ने ऐसा गान रचा मानो स्वरों की माला अमृत बरसाती हो। उनकी प्रस्तुति में अनुप्रास की झंकार, रूपक की मधुरता, सब कुछ मन को मोह लिया, हृदय को झंकृत कर दिया।
अपने संबोधन में विद्वानों ने कहा कि यह समारोह न केवल कॉलेज के त्रिवर्ष का उत्सव था, अपितु शिक्षा की अमर ज्योति का प्रज्वलन, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा की किरणें बरसाता रहेगा।
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