खड़गपुर : पश्चिम बंगाल के कॉन्ट्रैक्ट बेस्ड म्युनिसिपल हेल्थ वर्कर्स ने मंगलवार को अपनी लंबित मांगों को लेकर बड़ा आंदोलन किया। खड़गपुर म्युनिसिपैलिटी कार्यालय से सब-डिविजन हॉस्पिटल तक सैकड़ों स्वास्थ्यकर्मियों ने जुलूस और रैली निकालते हुए जोरदार नारेबाज़ी की। प्रदर्शन के दौरान पूरा इलाका “कॉन्ट्रैक्ट मजदूरों का खून-पसीना व्यर्थ नहीं जाएगा” जैसे नारों से गूंज उठा।
स्वास्थ्यकर्मियों का आरोप है कि वर्षों से वे सीमित संसाधनों और असुरक्षित हालात में काम कर रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें न तो सरकारी मान्यता मिल रही है और न ही समय पर मानदेय व इंसेंटिव का भुगतान किया जा रहा है।
प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में ड्यूटी के दौरान मृत कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी के परिवार को 5 लाख रुपये की तत्काल आर्थिक सहायता, मार्च 2025 से लंबित इंसेंटिव और अन्य बकाया भुगतान शामिल है। इसके साथ ही उन्होंने कॉन्ट्रैक्ट सिस्टम खत्म कर स्थायी नियुक्ति और फिक्स्ड मानदेय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की भी मांग उठाई।

बैनर और पोस्टर के साथ सड़क पर उतरे वर्कर्स ने स्थानीय प्रशासन पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए चेतावनी दी कि यदि जल्द ठोस निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा, हालांकि रैली पूरी तरह शांतिपूर्ण रही।
वहीं, म्युनिसिपल अधिकारियों ने कहा कि कॉन्ट्रैक्ट हेल्थ वर्कर्स की मांगों को उच्च स्तर पर भेजा गया है और इस पर विचार किया जा रहा है। जल्द ही समाधान निकालने का प्रयास किया जाएगा। यह प्रदर्शन राज्यभर के कॉन्ट्रैक्ट हेल्थ वर्कर्स के लिए एकजुटता और अधिकारों की लड़ाई का प्रतीक बनकर उभरा है।
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