तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के खड़गपुर शहर स्थित ओल्ड सेटलमेंट के श्री वैकुंठ बालाजी मंदिर में आगामी 30 दिसंबर, मंगलवार को पावन वैकुंठ एकादशी के शुभ अवसर पर आस्था, श्रद्धा और भक्ति का अलौकिक संगम साकार होने जा रहा है। इस पुण्य तिथि पर मंदिर प्रांगण भगवान विष्णु की आराधना से गुंजायमान होगा और समूचा वातावरण वैकुंठलोक की अनुभूति कराएगा।
आयोजकों द्वारा आयोजित मीडिया वार्ता में बताया गया कि रात्रि 1:30 बजे मंदिर के कपाट विधिवत खोले जाएंगे। इसके साथ ही सुप्रभात सेवा, श्री भरी अभिषेक, तमाल सेवा तथा भक्तिमय नगर संकीर्तन के माध्यम से दिव्य अनुष्ठानों का शुभारंभ होगा। प्रभु के नाम-स्मरण से रात्रि की निस्तब्धता आध्यात्मिक चेतना में परिवर्तित हो जाएगी।
प्रातः 6:30 बजे से अखंड गोविंद नामावली और विष्णु सहस्रनाम जप का आयोजन होगा। इसके उपरांत 11 पवित्र उपकरणों से महानैवेद्य अर्पित कर भगवान बालाजी को भोग समर्पित किया जाएगा, जो भक्तों के लिए पुण्यलाभ का अनुपम अवसर होगा।

संध्या 6 बजे एक विशेष दीप आराधना का आयोजन किया जाएगा, जिसमें 10 हजार दंपति युगल पवित्र दीप प्रज्वलित कर प्रभु चरणों में अपनी श्रद्धा अर्पित करेंगे। दीपों की आलोक-धारा से मंदिर प्रांगण दिव्य प्रकाश से नहा उठेगा। इसके पश्चात अंजलि सेवा एवं पंच आरती के साथ एकादशी व्रत एवं पूजन का समापन होगा।
अगले दिन द्वादशी को पुनः सुप्रभात सेवा, तमाल सेवा, विष्णु सहस्रनाम जप तथा एकांत सेवा के साथ वैकुंठ एकादशी का यह महापर्व पूर्ण होगा।
इस अवसर पर आयोजित प्रेस वार्ता में मंदिर ट्रस्ट के चेयरमैन दीपचंद साहा, सभापति दामोदर राव, सचिव आर. किशोर बालाजी, सलाहकार मंडली के डी. वेणुगोपाल राव, कैशियर बी. सिलेबास रेड्डी, सह-सचिव एम. नंदकुमार सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे।
वैकुंठ एकादशी के इस पावन पर्व पर श्री वैकुंठ बालाजी मंदिर भक्ति, तप और दीप-प्रकाश से आलोकित होकर श्रद्धालुओं को मोक्षमार्ग की अनुभूति कराने को तत्पर रहेगा।
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