तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। आमतौर पर स्कूलों में बच्चों की पढ़ाई और परीक्षाओं की चर्चा होती है, लेकिन पश्चिम मेदिनीपुर के केशपुर प्रखंड स्थित गढ़सेनापेत्या जूनियर हाईस्कूल ने इस बार समाज सेवा की ऐसी मिसाल पेश की, जिसकी पूरे इलाके में सराहना हो रही है। विद्यालय के अभिभावकों और शिक्षकों की पहल पर थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के लिए आयोजित स्वैच्छिक रक्तदान शिविर में 12 महिलाओं सहित कुल 103 लोगों ने रक्तदान कर मानवता के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाई।
शिविर का उद्घाटन केशपुर प्रखंड के सहायक विद्यालय निरीक्षक (माध्यमिक शिक्षा) सुशांत पांडेय ने किया। उनके साथ केशपुर-1 चक्र के अवर विद्यालय निरीक्षक गणेश गराई, समाजसेवी दीपक साउ, मुगबसान ग्राम पंचायत की उपप्रधान चंदना देव, पूर्व प्रधान कमल देव, शिक्षानुरागी स्वपन मुखर्जी तथा दोनों विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहे।
वर्ष 2010 में स्थापित गढ़सेनापेत्या जूनियर हाईस्कूल आज आसपास के कई गांवों—गढ़सेनापेत्या, खोर्द्दा, राधाबल्लभपुर, कुलबहड़ा, बागपोता, अकुलसांड़ा और सिद्धेश्वरी के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा का प्रमुख केंद्र बन चुका है। हालांकि विद्यालय अभी केवल आठवीं कक्षा तक है।
कार्यक्रम के दौरान अभिभावकों ने अधिकारियों से वर्षों पुरानी मांग दोहराते हुए विद्यालय को शीघ्र माध्यमिक स्तर तक उन्नत करने की अपील की। शिक्षानुरागी पांचकौड़ी देव ने कहा कि इससे स्कूल छोड़ने की प्रवृत्ति और बाल विवाह जैसी सामाजिक समस्याओं पर प्रभावी रोक लगाई जा सकेगी।
विद्यालय के प्रभारी शिक्षक मानस कुमार मल्लिक ने कहा कि कोविड-19 के बाद आसपास के गांवों में बाल विवाह की घटनाएं बढ़ी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए विद्यालय आने वाले समय में बाल विवाह विरोधी जागरूकता अभियान तथा थैलेसीमिया वाहक जांच शिविर आयोजित करेगा।
मुख्य अतिथि सुशांत पांडेय ने विद्यालय परिवार की इस सामाजिक पहल की मुक्तकंठ से प्रशंसा करते हुए भरोसा दिलाया कि विद्यालय को माध्यमिक स्तर पर उन्नत करने के लिए सरकारी स्तर पर आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
गढ़सेनापेत्या प्राथमिक विद्यालय के प्रधान शिक्षक स्नेहाशीष चौधरी ने बताया कि केशपुर प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों से आए लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। इस अवसर पर विद्यार्थियों ने देशभक्ति और रक्तदान पर आधारित गीत, कविता एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर पूरे परिसर को जीवंत बना दिया।
रक्त संग्रह का कार्य मेदिनीपुर मेडिकल कॉलेज ब्लड सेंटर की टीम ने किया। कार्यक्रम का संचालन शिक्षक सौरभ मंडल ने किया। सामाजिक सरोकार से जुड़े इस आयोजन ने न केवल थैलेसीमिया पीड़ित बच्चों के लिए उम्मीद की नई किरण जगाई, बल्कि यह संदेश भी दिया कि जब विद्यालय समाज से जुड़ते हैं, तो शिक्षा के साथ-साथ मानवता का भी पाठ पढ़ाते हैं।
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