तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। पश्चिम मेदिनीपुर जिले के केशपुर ब्लॉक के मोहबनी में स्थित खुदीराम बोस की जन्मभूमि पर उनकी पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग की मंत्री शिवली साहा, मंत्री श्रीकांत महतो, जिलाधिकारी खुर्शीद अली कादरी, जिला परिषद अध्यक्ष प्रतिभा रानी माईती, उपाध्यक्ष अजीत माईती, डीआईसीओ वरुण मंडल, केशपुर के बीडीओ कोशिश राय और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।
शहीद खुदीराम बोस को याद करते हुए वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि खुदीराम का जन्म 3 दिसंबर 1889 को पश्चिम मेदिनीपुर जिला अंतर्गत केशपुर के मोहबनी में हुआ था। वह एक बंगाली परिवार से ताल्लुक रखते थे और उनके पिता का नाम तैलोक्यनाथ बोस और माता का नाम लक्ष्मीप्रिया देवी था।

खुदीराम बोस ने अपनी स्कूली शिक्षा तमलुक के हैमिल्टन स्कूल में प्राप्त की और बाद में मेदिनीपुर कॉलेजिएट स्कूल में पढ़ाई की। वह बचपन से ही देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत थे और उन्होंने ब्रिटिश शासन के खिलाफ संघर्ष में सक्रिय भूमिका निभाई थी।
ब्रिटिश जज किंग्सफोर्ड की हत्या के प्रयास में फांसी की सजा सुनाई गई थी। 11 अगस्त 1908 को बिहार के मुजफ्फरपुर जेल में उनकी फांसी हुई थी। उनकी पुण्यतिथि पर हर साल श्रद्धांजलि अर्पित की जाती है और उनके बलिदान को याद किया जाता है।
उन्होंने कहा कि बोस का जीवन और संघर्ष भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय है। वह एक सच्चे देशभक्त थे जिन्होंने अपने देश की आजादी के लिए अपनी जान कुर्बान कर दी। उनकी विरासत आज भी हमें प्रेरित करती है और हमें अपने देश के लिए कुछ करने के लिए प्रोत्साहित करती है।
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