Keerthy Suresh

‘महानति’ की सावित्री बनने के लिए कीर्ति सुरेश ने जीता नेशनल अवॉर्ड

चेन्नई | 17 अक्टूबर 2025कीर्ति सुरेश, जिन्हें दक्षिण भारत की लेडी सुपरस्टार कहा जाता है, ने 2018 में तमिल-तेलुगु बायोपिक ‘महानति’ में सावित्री का किरदार निभाकर राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। यह किरदार उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बना और उन्हें पैन-इंडिया पहचान दिलाई।

🌟 अभिनय से आत्म-समर्पण तक

  • निर्देशक: नाग अश्विन
  • कहानी: सावित्री के जीवन की त्रासदी, स्टारडम, प्रेम, धोखा और अकेलापन
  • तैयारी: कीर्ति ने हफ्तों सावित्री के फुटेज देखे — हाव-भाव, आवाज की टोन, मुस्कान तक आत्मसात की
  • भावनात्मक दबाव: अवसाद और शराब की लत वाले दृश्यों में खुद को अलग-थलग कर लिया
  • परिणाम: दर्शकों और आलोचकों ने अभिनय को “एक साधना” कहा

उन्होंने मात्र 8 साल की उम्र में चाइल्ड आर्टिस्ट के रूप में डेब्यू किया, लेकिन असली ब्रेकथ्रू 2013 में मलयालम फिल्म ‘गीतांजली’ से मिला, जहां उन्होंने लीड रोल प्ले किया। 2018 में तमिल फिल्म ‘महानति’ में लीजेंड्री एक्ट्रेस सावित्री की बायोपिक रोल के लिए बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल अवॉर्ड जीता।

यह फिल्म सुपरहिट रही और कीर्ति को पैन-इंडिया फेम दिलाया। अभिनेता नितिन के साथ ‘रंग दे’ में रोमांटिक केमिस्ट्री और नानी के अपोजिट ‘दसरा’ में इंटेंस ड्रामा, हर रोल में कीर्ति ने साबित किया कि वे सिर्फ ग्लैमर नहीं, इमोशंस की मास्टर हैं।

🎥 कीर्ति सुरेश का फिल्मी सफर

वर्ष फिल्म भाषा भूमिका
2000 पायलट मलयालम चाइल्ड आर्टिस्ट
2013 गीतांजली मलयालम लीड डेब्यू
2018 महानति तमिल/तेलुगु सावित्री (बायोपिक)
2021 रंग दे तेलुगु रोमांटिक लीड
2023 दसरा तेलुगु इंटेंस ड्रामा
2024 बेबी जॉन हिंदी एक्शन-ड्रामा डेब्यू

कीर्ति सुरेश ने फिल्म ‘महानति’ के किरदार के लिए खुद को भी भुला दिया था। उन्होंने इसके लिए स्वयं को दूसरों से अलग-थलग कर लिया था। इस बात का जिक्र कीर्ति सुरेश ने एक इंटरव्यू में किया था। ‘महानति’ तेलुगु सिनेमा की महान अभिनेत्री सावित्री के उतार-चढ़ाव भरे जीवन पर आधारित एक बायोपिक थी।

निर्देशक नाग अश्विन ने इस फिल्म को डायरेक्ट किया था और मुख्य भूमिका के लिए युवा अभिनेत्री कीर्ति सुरेश को चुना गया। सावित्री, जिनके अभिनय में एक सहजता, गहराई और त्रासदी का भाव था, उनकी भूमिका निभाना किसी भी कलाकार के लिए महज एक रोल नहीं, बल्कि साधना और भावनात्मक अग्निपरीक्षा थी।

💃 बहुआयामी कलाकार

  • डांस स्किल्स: भरतनाट्यम से लेकर मॉडर्न मूव्स तक
  • अभिनय शैली: ग्लैमर से इमोशन तक, हर किरदार में गहराई
  • फिल्म ‘बेबी जॉन’ में वरुण धवन के साथ हिंदी डेब्यू — थेरि की रीमेक

कीर्ति सुरेश ने इस किरदार को इतनी शिद्दत से निभाया कि उन्हें सर्वश्रेष्ठ अभिनेत्री का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार मिला, लेकिन इस कामयाबी के पीछे एक गहरी भावनात्मक यात्रा छिपी थी।

फिल्म ‘महानति’ केवल प्रसिद्धि और स्टारडम की कहानी नहीं थी, बल्कि यह सावित्री के जीवन की त्रासदी, प्यार, धोखा, शराब की लत और एक दुखद अंत, को भी दर्शाती थी। कीर्ति सुरेश के लिए सबसे बड़ा भावनात्मक दबाव उनके किरदार के अंतिम चरणों को निभाना था।

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