प्रतीकात्मक फोटो साभार गुगल

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के कानपुर ज़िले के बेकनगंज इलाक़े में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद दो समुदायों के बीच हुई हिंसक झड़प में अब तक 18 लोगों की गिरफ्तारी हुई है। प्रशासन का कहना है कि इस मामले में गिरफ्तार किए गए लोगों पर गैंगस्टर और एनएसए एक्ट के तहत कार्रवाई होगी। कानपुर के कमिश्नर विजय मीणा ने बताया, “अब तक हमने 18 लोगों की गिरफ्तारी की है और कई लोगों की पहचान की गई है और यह प्रक्रिया अभी भी जारी है। इन लोगों पर गैंगस्टर एक्ट और एनएसए एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी जिन लोगों ने भी माहौल खराब करने का काम किया है उनकी संपत्ति ज़ब्त की जाएगी और कानून के तहत कड़ी से कड़ी कार्रवाई करेंगे।‘’

हालात को देखते हुए हिंसाग्रस्त इलाकों में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। समाचार एजेंसी एनएनआई से बात करते हुए विजय सिंह मीणा ने कहा कि “हमने सुरक्षाकर्मियों को संक्षिप्त में समझाया कि सब सतर्क और सजग रहकर ड्यूटी करें। हम लोग रूट पर मार्च पेट्रोलिंग भी कर रहे हैं ताकि आम जनता में विश्वास बने। यहां पर्याप्त पुलिस बल तैनात है। कोई भी समस्या नहीं है और हालात काबू में हैं।” खास बात ये है कि हिंसा के दौरान राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कानपुर में मौजूद थे।

कानपुर में शुक्रवार को भड़की हिंसा मामले पर राज्य की पूर्व मुख्यमंत्री और बहुजन समाज पार्टी की प्रमुख मायावती ने निष्पक्ष और उच्च-स्तरीय जांच की मांग की है। मायावती ने ट्वीट किया, “राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री जी के यूपी दौरे के दौरान ही कानपुर में दंगा व हिंसा भड़कना अति-दुःखद, दुर्भाग्यपूर्ण व चिन्ताजनक तथा पुलिस खुफिया तंत्र की भी विफलता का द्योतक है। सरकार को समझना होगा कि शान्ति व्यवस्था के अभाव में प्रदेश में निवेश व यहाँ का विकास कैसे संभव है?”

एक अन्य ट्वीट में उन्होंने लिखा, “सरकार इस घटना की धर्म, जाति व दलगत राजनीति से ऊपर उठकर स्वतंत्र व निष्पक्ष उच्च-स्तरीय जाँच कराकर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करे ताकि ऐसी घटना आगे न हो। साथ ही, लोगों से शान्ति व कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उत्तेजक भाषणों आदि से बचने की भी अपील करती हूं।”

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