कोलकाता। कालबैशाखी की आंधी ने फिर उत्तर बंगाल के विभिन्न जिलों में गुरुवार देर रात को कहर बरपाया, जिसमें हजारों कच्चे घर क्षतिग्रस्त हो गए। सबसे अधिक नुकसान मालदा जिले के रतुआ के एक नंबर ब्लॉक में हुई। इलाके में सैकड़ों पेड़ उखड़कर सड़क पर आ गए। कई घरों की टीन की छतें उड़ गयी। बिजली का तार टूटकर जमीन पर गिर गया। इसके कारण घंटों बिजली गुल रही। रतुआ के डाक बांग्ला सहित विभिन्न इलाकों में बिजली नहीं रही। काल बैशाखी की आंधी में दो महिलाएं भी घायल हो गई। घायलों को मालदा मेडिकल कॉलेज व अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पहली घटना मालदा जिले के पुकुरिया थाना क्षेत्र के अरई डागा इलाके में हुई।

मैनूर बीबी (40) नाम की एक महिला के घर का पेड़ टूटकर उसके सिरपर गिर गया। जिससे वो गंभीर रूप से घायल हो गई। दूसरा मामला भी इसी क्षेत्र का है, जकेरा बीबी (45) नाम की गृहिणी पेड़ की डाल सिर पर गिरने से घायल हो गई। गंभीर रूप से घायल होने पर उसे मालदा मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया। दूसरी ओर कालियागंज इलाका में आयी भयंकर आधी एवं मूसलाधार बारिश से सैकड़ों लोग प्रभावित दिखे। प्रशासनिक अधिकारियों को प्रभावित लोगों की सहायता में काफी समस्या हुई। बतादें कि आधी से इलाका के लोग बुरी तरह प्रभावित हुए है।

पेड़ों की शाखाएं टूट कर मकानों पर गिरने से भी ज्यादा नुकसान हुआ है। तूफान से क्षतिग्रस्त हुए घरों के मालिक शुक्रवार सुबह 11 बजे तिरपाल की माग को लेकर कालियागंज नगर पालिका पहुंचे। तिरपाल की माग को लेकर नगर पालिका में आए लोगों के आक्रोश को दूर करने के लिए चेयरमैन रामनिवास साहा ने बैठक बुलाकर तूफान से प्रभावित सभी परिवारों को तिरपाल देने का आश्वासन दिया। शहर इलाके से लेकर ग्रामीण अंचलों के कई इलाकों में पेड़ गिरे पड़े है। जिससे बिजली की आपूर्ति प्रभावित हुई। नतीजन गुरुवार शाम से इलाके भर में पूरी रात बिजली गुल रही। बिजली वितरण कंपनी के कर्मचारी बिजली सेवा शुरू करने के लिए रात से ही आपातकालीन आधार पर काम पर जुट गए।

Shrestha Sharad Samman Awards

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

17 − two =