नेशनल न्यूज डेस्क | 11 अगस्त 2026: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर चल रहा छात्र आंदोलन अब राजनीतिक टकराव में बदलता नजर आ रहा है। सोमवार को विधानसभा घेराव के लिए पहुंचे प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बाद झारखंड भाजपा ने मंगलवार को राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है।
भाजपा का आरोप है कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने बर्बर तरीके से कार्रवाई की। प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज, वाटर कैनन और आंसू गैस का इस्तेमाल किए जाने का दावा किया गया है। भाजपा के मुताबिक, पुलिस की कार्रवाई में 100 से अधिक छात्र घायल हुए हैं।
भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के आरोपों को लेकर प्रदर्शन
झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) और झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं को लेकर हजारों अभ्यर्थी पिछले दो सप्ताह से अधिक समय से आंदोलन कर रहे हैं।
छात्रों का आरोप है कि भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता नहीं बरती जा रही है। अपनी मांगों को लेकर अभ्यर्थियों ने अनशन भी किया और सरकार के साथ कई दौर की बातचीत की, लेकिन कोई ठोस समाधान नहीं निकलने के बाद सोमवार को छात्रों ने विधानसभा घेराव का ऐलान किया।
हजारों की संख्या में छात्र विधानसभा की ओर बढ़े। इसी दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की स्थिति बन गई।
पुलिस पर बिना चेतावनी लाठीचार्ज का आरोप
प्रदर्शन में शामिल छात्रों का आरोप है कि पुलिस ने बिना पर्याप्त चेतावनी दिए लाठीचार्ज शुरू कर दिया। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, विधानसभा क्षेत्र के नजदीक पहुंचते ही पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बल प्रयोग किया।
भाजपा का दावा है कि पुलिस कार्रवाई में 100 से अधिक छात्र घायल हुए हैं। हालांकि, घायलों की वास्तविक संख्या और पुलिस कार्रवाई के पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र पुष्टि अभी बाकी है।
BJP ने मंगलवार को बुलाया झारखंड बंद
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में झारखंड भाजपा ने मंगलवार को राज्यव्यापी बंद का आह्वान किया है।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि छात्रों के साथ अन्याय किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि भर्ती प्रक्रिया में गड़बड़ी के खिलाफ आवाज उठाने वाले छात्रों पर पुलिस ने अत्यधिक बल प्रयोग किया।
भाजपा ने चेतावनी दी है कि छात्रों पर हुई कार्रवाई के खिलाफ पार्टी कार्यकर्ता पूरे राज्य में विरोध प्रदर्शन करेंगे।
राहुल गांधी ने भी पुलिस कार्रवाई पर उठाए सवाल
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ इस तरह बल प्रयोग नहीं किया जाना चाहिए।
यह मुद्दा इसलिए भी राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि कांग्रेस झारखंड में सत्तारूढ़ गठबंधन का हिस्सा है। ऐसे में सरकार की पुलिस कार्रवाई पर विपक्ष के नेता की टिप्पणी ने राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है।
छात्रों की तीन प्रमुख मांगें
आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों की मुख्य रूप से तीन मांगें बताई जा रही हैं।
- पहली मांग: भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं की CBI और ED से निष्पक्ष जांच कराई जाए।
- दूसरी मांग: भर्ती प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित होने तक संबंधित परीक्षाओं को रद्द या स्थगित रखा जाए।
- तीसरी मांग: भर्ती व्यवस्था में व्यापक सुधार किया जाए और योग्य अभ्यर्थियों को न्याय दिया जाए।
छात्रों का कहना है कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
आंदोलन से बढ़ सकता है राजनीतिक टकराव
छात्रों पर पुलिस कार्रवाई के बाद भाजपा ने जिस तरह राज्यव्यापी बंद का ऐलान किया है, उससे झारखंड में राजनीतिक टकराव बढ़ने की संभावना है।
एक तरफ छात्र भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता और कथित अनियमितताओं की जांच की मांग कर रहे हैं, वहीं भाजपा इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमलावर हो गई है।
अब नजर इस बात पर रहेगी कि राज्य सरकार छात्रों की मांगों और पुलिस कार्रवाई को लेकर क्या कदम उठाती है और मंगलवार के बंद का राज्य में कितना असर देखने को मिलता है।
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