तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। न्याय का सूरज अब शहरों की ऊँची अटारियों से निकलकर गाँव की गलियों तक पहुँच रहा है। यही दृश्य देखने को मिला झाड़ग्राम जिले के खासजंगल गाँव में, जहाँ “कानूनी जागरूकता शिविर” का आयोजन किया गया।
नयाग्राम ब्लॉक के कलमापुकुरिया फ्रेंड्स स्पोर्टिंग क्लब की पहल पर और झाड़ग्राम जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशन में आज यह शिविर आयोजित हुआ।
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव एवं न्यायाधीश रीहा त्रिवेदी ने बाल विवाह, साइबर अपराध, माता-पिता की देखभाल, वरिष्ठ नागरिकों के अधिकार जैसे अनेक कानूनी विषयों पर विस्तार से बताया। उनकी वाणी मानो अधेरे में दीपक की लौ बनकर लोगों को राह दिखा रही थी।

झाड़ग्राम फैमिली कोर्ट के न्यायाधीश देबप्रिय बसु ने घरेलू हिंसा प्रतिरोध, महिलाओं के अधिकार और पारिवारिक विवादों के समाधान जैसे मुद्दों पर चर्चा की। उनकी बातों में न्याय की संवेदना और समाज सुधार की छाया झलक रही थी।
जिला परिषद के शिक्षा कर्माध्यक्ष सुमन साहू ने कहा कि ऐसे समय में यह शिविर बहुत उपयोगी और जन जागरणकारी पहल है।
क्लब के अध्यक्ष स्वरूप घोष ने बताया कि इस तरह के कानूनी जागरूकता शिविर हर गाँव में आयोजित किए जाने की योजना है, ताकि न्याय का दीप हर द्वार तक पहुँचे। इस अवसर पर लगभग 250 ग्रामीण, पुरुष, महिलाएँ और विद्यार्थी उपस्थित थे।
उपस्थित गणों में रीहा त्रिवेदी (सचिव एवं न्यायाधीश, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, झाड़ग्राम), देबप्रिय बसु (न्यायाधीश, फैमिली कोर्ट, झाड़ग्राम), सुब्रत बारिक (ऑफिस मास्टर, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण),
ममिनुर मियाँ (उप-निरीक्षक, नयाग्राम थाना), रीता दास दत्ता और आलोक सिंह (अधिकार मित्र), सुमन साहू (शिक्षा कर्माध्यक्ष, झाड़ग्राम जिला परिषद) तथा बर्णा पाणिभारिया (प्रधान, मलम ग्राम पंचायत) उपस्थित थे।
अपने संबोधन में वक्ताओं ने कहा कि यह शिविर सचमुच “न्याय के अमृत कलश” के समान था, जहाँ से हर व्यक्ति ने अपने जीवन में अधिकारों की मिठास का स्वाद चखा।
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