तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे को छात्र आंदोलन की ऐतिहासिक जीत बताते हुए झाड़ग्राम शहर में वामपंथी छात्र संगठनों के संयुक्त तत्वावधान में शपथ मार्च निकाला गया। इस दौरान छात्र-युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था में व्यापक सुधार के लिए संघर्ष तेज करने का संकल्प लिया।
शपथ मार्च के समापन पर शहर के पांचमाथा मोड़ पर आयोजित पथसभा में वक्ताओं ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, समान, वैज्ञानिक और छात्र हितैषी बनाया जाना चाहिए।
उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (एनटीए) को समाप्त करने, छात्र आंदोलनों से जुड़े लोगों पर दर्ज कथित झूठे मुकदमे वापस लेने तथा नई शिक्षा नीति (एनईपी) को रद्द करने की मांग की।
वक्ताओं का आरोप था कि नई शिक्षा नीति शिक्षा के निजीकरण को बढ़ावा देती है, जिससे गुणवत्तापूर्ण शिक्षा आम विद्यार्थियों की पहुंच से दूर होती जा रही है।
सभा को भारत की छात्र फेडरेशन (एसएफआई) की जिला सचिव मधुश्री मजूमदार, जिला अध्यक्ष रजत घोष तथा ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन (एआईडीएसओ) की जिला सचिव अनिंदिता बेरा ने संबोधित किया।
कार्यक्रम की अध्यक्षता एआईडीएसओ के जिला अध्यक्ष तापस जाना ने की। वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा को सभी के लिए सुलभ, समान अवसर आधारित और सार्वजनिक दायित्व के रूप में बनाए रखना लोकतांत्रिक व्यवस्था की बुनियादी आवश्यकता है।
उन्होंने छात्रों, शिक्षकों और अभिभावकों से शिक्षा के अधिकार तथा सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए एकजुट होकर लोकतांत्रिक तरीके से लोकतांत्रिक संघर्ष जारी रखने का आह्वान किया।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।

