तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। जंगल महल अंतर्गत झाड़ग्राम के बेलियागुड़ी की साँसों में मानों तब बहार आई, जब पुलिस की गाड़ियां गांव की गलियों में पहुंची। लेकिन कोई डर नहीं, बल्कि स्नेह और सहयोग की उम्मीद लेकर आईं।
झाड़ग्राम के एसडीपीओ शमीम विश्वास, जामबनी थाने के आई.सी. अभिजीत बसु मल्लिक और ग्राम पंचायत प्रमुख अनिमेष प्रामाणिक के नेतृत्व में आयोजित यह ‘सहाय कैम्प’ एक जीवंत पहल की तरह उभरा।
यह अभियान मात्र वस्त्र वितरण का अवसर नहीं था, बल्कि गांव के परिवारों के लिए सुरक्षा, जागरूकता और शिक्षा का एक स्तंभ बनकर उभरा। बाल विवाह की पराकाष्ठा रोकने, साइबर ठगी से बचाव करने, महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के संदेशों से भरे इस मंच ने यह दर्शाया कि कानून केवल दंड भर नहीं, सामाजिक समरसता का द्योतक है।

कंबल और कपड़ों के वितरण के दौरान बच्चों की खिलखिलाती हंसी, ग्रामीणों की उत्सुकता और पुलिस से संवाद इस पहल की वास्तविकता को दर्शाता है- जहाँ दूरी कम हुई, भरोसा बढ़ा, और एक नई समझदारी ने जन्म लिया।
यह आयोजन पुलिस की अधिनायकवादी छवि से परे जाकर, मानवीय संवेदनाओं का प्रतिबिंब था, जो कि गाँव की सुरक्षा में जनता की भागीदारी को बढ़ावा देने का एक प्रयास था। इस प्रयास का सार यही है कि संगठित प्रयासों से ही सुरक्षा और विकास के स्वर एक साथ गूँज सकते हैं।
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