संवाद सूत्र, खड़गपुर। देश का 80वां स्वतंत्रता दिवस पूरे जंगलमहल में देशभक्ति, उत्साह और उल्लास के साथ मनाया गया। पश्चिम मेदिनीपुर, झाड़ग्राम और आसपास के इलाकों में सरकारी एवं गैर-सरकारी संस्थानों, शिक्षण संस्थानों, सामाजिक संगठनों तथा विभिन्न प्रतिष्ठानों में तिरंगा फहराया गया।
जगह-जगह राष्ट्रगान, प्रभात फेरी, सांस्कृतिक कार्यक्रम, देशभक्ति गीत और विभिन्न सामाजिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ। सुबह से ही शहरों से लेकर जंगलमहल के गांवों तक स्वतंत्रता दिवस की धूम दिखाई दी।
खड़गपुर में भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) खड़गपुर ने भी स्वतंत्रता दिवस को राष्ट्र निर्माण के प्रति नई प्रतिबद्धता के साथ मनाया। समारोह का शुभारंभ विधान चौक पर हुआ, जहां संस्थान के निदेशक प्रो. सुमन चक्रवर्ती ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
इसके बाद राष्ट्रगान, गार्ड ऑफ ऑनर, शपथ ग्रहण समारोह तथा निदेशक का स्वतंत्रता दिवस संबोधन हुआ। नेताजी ऑडिटोरियम में परिसर के विद्यालयों के बच्चों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत कर वातावरण को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।
अपने संबोधन में प्रो. चक्रवर्ती ने हिजली डिटेंशन कैंप से आईआईटी खड़गपुर तक की ऐतिहासिक यात्रा और स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को याद किया। उन्होंने कहा कि इस गौरवशाली विरासत को समाज और राष्ट्र के लिए सार्थक कार्यों में बदलना संस्थान की जिम्मेदारी है।
उनका स्पष्ट संदेश था कि खड़गपुर में आईआईटी की मौजूदगी केवल एक संस्थान के रूप में नहीं, बल्कि उसके सकारात्मक प्रभाव के रूप में दिखाई देनी चाहिए। उन्होंने कहा, “खड़गपुर में केवल एक आईआईटी स्थित नहीं होना चाहिए; आईआईटी के यहां होने से खड़गपुर में परिवर्तन स्पष्ट रूप से दिखाई देना चाहिए।”
उन्होंने “भारत में केवल आईआईटी खड़गपुर नहीं, बल्कि भारत के लिए आईआईटी खड़गपुर” के संकल्प के साथ ज्ञान, नवाचार और सामाजिक प्रभाव के जरिए राष्ट्र निर्माण में संस्थान की भूमिका को रेखांकित किया।
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर खड़गपुर के पुराना बामर मोड़ पर भी नेताजी सुभाष चंद्र बोस की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी गई। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में झाड़ग्राम भाजपा प्रभारी बाबलू बरम उपस्थित रहे।
कवि, लेखक एवं साहित्यकार भवानी प्रसाद लुईन ने पुष्प अर्पित कर नेताजी को नमन किया। इस अवसर पर विमल ओझा, विश्वजीत पाल, कैलाश पास्चात, रघुवीर दास समेत अन्य लोगों ने भी नेताजी की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर श्रद्धांजलि दी।
जंगलमहल के अन्य हिस्सों में भी स्वतंत्रता दिवस को लेकर लोगों में खासा उत्साह रहा। गांवों में पंचायत कार्यालयों से लेकर विद्यालयों तक तिरंगा शान से लहराता नजर आया। बच्चों ने प्रभात फेरी और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया, वहीं युवाओं और सामाजिक संगठनों ने विभिन्न स्थानों पर सेवा एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए। कई जगहों पर स्वतंत्रता सेनानियों और देश के लिए बलिदान देने वाले वीरों को श्रद्धांजलि दी गई।
खड़गपुर, झाड़ग्राम, मेदिनीपुर समेत जंगलमहल के विभिन्न इलाकों में दिनभर देशभक्ति गीतों और “वंदे मातरम्” तथा “भारत माता की जय” के नारों से वातावरण गूंजता रहा। तिरंगे के रंग में रंगे इस अंचल में स्वतंत्रता दिवस का उत्सव केवल समारोहों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बेहतर समाज, विकास और राष्ट्र निर्माण में अपनी भूमिका निभाने के संकल्प के साथ संपन्न हुआ।
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