दार्जिलिंग ब्यूरो | 01 सितम्बर 2026: रात में अपनी गायों को देखने गोशाला पहुंची 65 वर्षीय महिला ने जब वहां का नजारा देखा तो उनके होश उड़ गए। गायों के बीच गोशाला में एक विशाल एक सींग वाला गैंडा मौजूद था।
अंधेरे में गैंडे को देखकर महिला कुछ समझ पातीं, उससे पहले ही उसने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। घटना में महिला घायल हो गईं। वन विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया। बाद में गैंडे को सुरक्षित रूप से जंगल की ओर खदेड़ दिया गया।
घटना जलपाईगुड़ी के रामशाई बाजार इलाके की है। घायल महिला की पहचान 65 वर्षीय धनबाला राय के रूप में हुई है।
बताया जा रहा है कि उनके घर से कुछ दूरी पर जंगल का इलाका है, जहां अक्सर हाथी, तेंदुआ और एक सींग वाले गैंडे जैसे वन्यजीवों की आवाजाही होती रहती है। हालांकि, इस बार गैंडा जंगल से निकलकर सीधे उनके गोशाला तक पहुंच गया।
गायों को देखने गोशाला पहुंची थीं धनबाला
जानकारी के मुताबिक, धनबाला राय की रोजाना रात में अपनी गायों को देखने के लिए गोशाला जाने की आदत है। रविवार रात भी वह इसी तरह करीब पौने नौ बजे गोशाला पहुंची थीं। उन्होंने गायों को देखा और इसके बाद गोशाला से बाहर निकलकर घर की ओर जाने लगीं।
इसी दौरान अचानक एक विशालकाय गैंडा उनके सामने आ गया। बताया जा रहा है कि गैंडे ने महिला को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि वह कुछ दूरी पर जाकर गिर पड़ीं।
इसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। स्थानीय लोगों ने शोर मचाते हुए लोगों को सतर्क किया और देखते ही देखते पूरे रामशाई बाजार इलाके में गैंडा आने की खबर फैल गई।
सक्रिय हुआ वन विभाग
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंच गई। खास बात यह रही कि घटनास्थल से कुछ ही मीटर की दूरी पर वन विभाग की नाइट पेट्रोलिंग टीम मौजूद थी। इलाके में शोर सुनकर पेट्रोलिंग टीम तुरंत घटनास्थल पर पहुंची।
रामशाई रेंज के अधिकारी बासिरुल इस्लाम के मुताबिक, महिला को तत्काल वहां से निकालकर अस्पताल पहुंचाया गया।
इसके लिए एक अतिरिक्त स्पेशल वाहन भी मौके पर भेजा गया। पहले धनबाला राय को मयनागुड़ी अस्पताल ले जाया गया। बाद में उनकी स्थिति को देखते हुए उन्हें जलपाईगुड़ी मेडिकल कॉलेज के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया।
वन विभाग के अनुसार, महिला की स्थिति फिलहाल स्थिर है।
गोशाला तक कैसे पहुंचा गैंडा?
वन विभाग की शुरुआती जांच के अनुसार, गैंडा संभवतः गोरुमारा राष्ट्रीय उद्यान के रामशाई जंगल से निकलकर रात के अंधेरे में रिहायशी इलाके में पहुंच गया था। माना जा रहा है कि जंगल से निकलने के बाद वह रास्ता भटक गया और आबादी वाले इलाके में पहुंचकर घबराकर इधर-उधर भागने लगा।
इसी दौरान उसने गोशाला को सुरक्षित जगह समझकर वहां शरण ली होगी। गोशाला में गायों के बीच मौजूद रहने के कारण वह कुछ समय तक वहीं रहा।
हालांकि, धनबाला राय के गोशाला में पहुंचने के बाद गैंडा भी घबरा गया। वन विभाग का अनुमान है कि इंसान को सामने देखकर उसने बाहर निकलने की कोशिश की और इसी दौरान महिला को टक्कर लग गई।
गैंडे को जंगल की ओर खदेड़ा गया
महिला को अस्पताल पहुंचाने के बाद वन विभाग की टीम ने गैंडे को सुरक्षित तरीके से आबादी से दूर करने का अभियान शुरू किया। वनकर्मियों ने काफी मशक्कत के बाद गैंडे को रामशाई इलाके से हटाकर जलढाका नदी के चर क्षेत्र की ओर ले जाने में सफलता हासिल की।
इसके बाद वन विभाग की निगरानी में गैंडा रात वहीं रहा। सोमवार तड़के गैंडा वापस गोरुमारा के जंगल में चला गया। वन विभाग ने राहत की सांस ली।
जंगल से सटे इलाकों में बढ़ा वन्यजीवों की आवाजाही का खतरा
जलपाईगुड़ी और आसपास के जंगल से सटे इलाकों में वन्यजीवों का रिहायशी क्षेत्रों में प्रवेश कोई नई बात नहीं है। हाथी और तेंदुए के बाद अब गैंडे के आबादी वाले इलाके में पहुंचने की इस घटना ने एक बार फिर इंसान और वन्यजीवों के बीच बढ़ते संघर्ष को सामने ला दिया है।
विशेषज्ञों के मुताबिक, जंगल के आसपास रहने वाले लोगों को रात के समय विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है। खासकर उन इलाकों में जहां से वन्यजीवों के आने-जाने की संभावना रहती है, वहां अकेले बाहर निकलने से बचना चाहिए।
इस घटना में गनीमत रही कि वन विभाग की नाइट पेट्रोलिंग टीम घटनास्थल के बेहद करीब मौजूद थी और समय रहते महिला को अस्पताल पहुंचाया जा सका। वहीं, गैंडा भी बिना किसी बड़े नुकसान के वापस जंगल में लौट गया।
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