तारकेश कुमार ओझा, खड़गपुर। समाज के अंधकारमय कोने में व्याप्त नारी-निर्यातन की ज्वालामुखी अग्नि को बुझाने हेतु, ‘जागो नारी जागो बह्निशिखा’ की उग्र लौ बनकर 9 से 16 दिसंबर तक राज्य के चार प्रांतों से हजारों नारियाँ संकल्प की पावन नदी बन कोलकाता की गोद में उमड़ आएंगी।
झाड़ग्राम की धरती से प्रज्ज्वलित यह अभियान-धारा ऐतिहासिक तमलुक के स्वर्णिम द्वार पर 13 दिसंबर सुबह 10 बजे पहुँचेगी, मानो स्वतंत्रता की ज्योति पुनरागमन करे।
आज के पत्रकार सम्मेलन में यह संकल्प-यात्रा की रूपरेखा प्रकट हुई, जहाँ उपस्थित नारी-योद्धाओं में नंदिता त्रिपाठी, दीप्ति माइती, दीपाली पाड़ई, चंदना जाना, दुर्वा भट्टाचार्य, तथा मधुमिता मन्ना साहू आदि उपस्थित रही।

कार्यक्रम की जानकारी देते हुए उन्होंने बताया कि तमलुक में 13 दिसंबर का उज्ज्वल कार्यक्रम सुबह 10 बजे मानिकतला मोड़ पर शहीद मातंगिनी हाजरा की अमर प्रतिमा के चरणों में स्वागत का पुष्पांजलि समारोह होगा।
10:30 बजे मानिकतला से तमलुक के हृदय मार्ग होकर पदयात्रा और 11:30 बजे अस्पताल मोड़ पर खुदीराम बोस की प्रतिमा के सान्निध्य में समापन एवं सांस्कृतिक अनुष्ठान, जहाँ गीत-संगीत की वर्षा होकर नारी-जागरण का दीप प्रज्ज्वलित होगा।
उन्होंने कहा कि यह यात्रा नारी गरिमा की पुनर्स्थापना का सूर्योदय बनेगी, जहाँ अत्याचार की काली घटाएँ रूपक की ज्योति से विलीन हो जाएंगी।
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