कोलकाता हिन्दी न्यूज | 21 अगस्त 2026: जादवपुर विश्वविद्यालय में हालिया विवाद को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। जादवपुर के विधायक के बाद अब मंत्री दिलीप घोष ने भी कड़ा बयान देते हुए कहा है कि विश्वविद्यालय परिसर में कथित तौर पर देशविरोधी नारे लगाए गए तो ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ जैसी कार्रवाई की जाएगी।
दिलीप घोष ने कहा, “देशविरोधी काम चलने नहीं दिया जाएगा। देशविरोधी नारे उठे तो फिर जादवपुर में सर्जिकल स्ट्राइक होगी।” उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकार के दौरान ऐसे तत्वों को संरक्षण दिया जाता था।
जादवपुर विवाद के बाद बढ़ा राजनीतिक तापमान
दरअसल, बुधवार रात जादवपुर विश्वविद्यालय में जनरल बॉडी (GB) बैठक को लेकर विवाद शुरू हुआ था। बैठक को लेकर दक्षिणपंथी छात्र संगठन एबीवीपी और वामपंथी छात्र संगठनों के बीच तनाव बढ़ गया। दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर मारपीट और हमले के आरोप लगाए गए।
विवाद के बाद गुरुवार को एबीवीपी और एसएफआई की ओर से अलग-अलग कार्यक्रम आयोजित किए गए। दोनों संगठनों के समर्थकों के सड़क पर उतरने से जादवपुर परिसर और आसपास का इलाका राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बन गया।
‘देशविरोधी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं’
शुक्रवार सुबह दिलीप घोष ने जादवपुर विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह पिछले दिन इंदौर में थे, इसलिए पूरे घटनाक्रम की जानकारी उन्हें नहीं है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि देशविरोधी गतिविधियों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
उन्होंने कहा कि पहले भी एबीवीपी की ओर से ‘सर्जिकल स्ट्राइक’ की बात कही गई थी और अगर जादवपुर में फिर देशविरोधी नारे लगाए गए तो ऐसी कार्रवाई दोबारा हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा, “छह महीने इंतजार कीजिए, बहुत कुछ होगा।”
पहले भी जादवपुर को लेकर दे चुके हैं विवादित बयान
जादवपुर विश्वविद्यालय को लेकर दिलीप घोष पहले भी तीखी टिप्पणी कर चुके हैं। 2019 में उन्होंने विश्वविद्यालय परिसर में कथित ‘देशविरोधी’ गतिविधियों के खिलाफ बालाकोट जैसी सर्जिकल स्ट्राइक की बात कही थी।
हालिया घटनाक्रम के बीच एक बार फिर उनके बयान ने राजनीतिक बहस को तेज कर दिया है। वहीं, जादवपुर विश्वविद्यालय से जुड़ी राजनीतिक गतिविधियों और छात्र संगठनों के बीच टकराव को लेकर प्रशासन और पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जादवपुर विवाद में आगे क्या?
फिलहाल विश्वविद्यालय परिसर में तनावपूर्ण स्थिति के बीच दोनों पक्ष एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगा रहे हैं। विवाद की वास्तविक वजह और हिंसा की शुरुआत किस ओर से हुई, यह जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। ऐसे में राजनीतिक नेताओं के बयान के बीच अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।


