कोलकाता हिन्दी न्यूज | 09 सितम्बर 2026: जादवपुर विश्वविद्यालय में प्रशासनिक स्तर पर बड़ा बदलाव हुआ है। सेवानिवृत्ति से करीब डेढ़ महीने पहले विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार सलीम बक्श मंडल को राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति के निर्णय के बाद पद से हटा दिया गया है।
उनकी जगह इतिहास विभाग के प्रोफेसर देवजीत दत्त को अगले छह महीने के लिए रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही इंद्रजीत बंद्योपाध्याय को फाइनेंस ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
जानकारी के मुताबिक, सलीम बक्स मंडल के सेवानिवृत्त होने की तारीख अक्टूबर के अंत में है। ऐसे में उनकी सेवानिवृत्ति से ठीक पहले हुई इस कार्रवाई को लेकर विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
जादवपुर विश्वविद्यालय में फिर प्रशासनिक बदलाव
जादवपुर विश्वविद्यालय लंबे समय से छात्र आंदोलनों और विभिन्न विवादों को लेकर चर्चा में रहा है। करीब 15 दिन पहले जनरल बॉडी (GB) बैठक को लेकर वामपंथी छात्र संगठन और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के बीच हुई झड़प और तनाव के बाद कैंपस का माहौल काफी गरमा गया था।
इस घटनाक्रम को लेकर राज्य की राजनीति में भी बयानबाजी हुई थी। विश्वविद्यालय में हुई अशांति के बीच रजिस्ट्रार सलीम बक्स मंडल को लेकर भी सवाल उठाए गए थे। खबर के मुताबिक, कुछ ऐसे शिक्षक भी उनके खिलाफ मुखर हुए थे, जिनकी राजनीतिक निकटता सत्तारूढ़ दल से बताई जाती है।
इसके कुछ ही दिनों बाद अब रजिस्ट्रार को पद से हटाने का फैसला सामने आया है।
राज्यपाल कार्यालय से भेजा गया निर्देश
सूत्रों के मुताबिक, विश्वविद्यालय के कुलाधिपति और राज्यपाल आर.एन. रवि की ओर से सलीम बक्स मंडल को हटाने से संबंधित निर्देश उच्च शिक्षा विभाग को भेजा गया था। बताया जा रहा है कि इस निर्देश में उन्हें हटाने के कारणों का भी उल्लेख किया गया है।
इसके बाद उच्च शिक्षा विभाग की ओर से विश्वविद्यालय को रजिस्ट्रार के पद पर बदलाव संबंधी निर्देश भेजे गए। इसी आदेश में नए रजिस्ट्रार और फाइनेंस ऑफिसर की नियुक्ति की जानकारी दी गई।
नए रजिस्ट्रार के तौर पर इतिहास विभाग के प्रोफेसर देवजीत दत्त का नाम सामने आया है। हालांकि, वह फिलहाल छह महीने तक ही इस जिम्मेदारी को संभालेंगे।
वहीं, इंद्रजीत बंद्योपाध्याय को विश्वविद्यालय का नया फाइनेंस ऑफिसर नियुक्त किया गया है।
सेवानिवृत्ति से पहले हटाए जाने पर उठे सवाल
सलीम बक्स मंडल की सेवानिवृत्ति अक्टूबर के अंत में प्रस्तावित है। ऐसे में सेवानिवृत्ति से लगभग डेढ़ महीने पहले उन्हें रजिस्ट्रार के पद से हटाए जाने को लेकर कई तरह के सवाल उठ रहे हैं।
जानकार हलकों में इसे कथित तौर पर दंडात्मक कार्रवाई के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह फैसला राज्यपाल एवं विश्वविद्यालय के कुलाधिपति आर.एन. रवि के अधिकार क्षेत्र में लिया गया है और इसे विश्वविद्यालय के नियमों एवं लागू कानूनी प्रावधानों के तहत लिया गया है।
इसलिए इस कार्रवाई को लेकर राजनीतिक अटकलों के बीच प्रशासनिक पक्ष भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कैंपस में हालिया तनाव के बाद फैसला
जादवपुर विश्वविद्यालय में हाल के दिनों में छात्र राजनीति को लेकर तनाव का माहौल रहा है। GB बैठक के दौरान वामपंथी छात्र संगठन और ABVP के बीच विवाद ने विश्वविद्यालय परिसर की स्थिति को चर्चा में ला दिया था।
इस घटना के बाद विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कामकाज और कैंपस में कानून-व्यवस्था को लेकर भी राजनीतिक बयान सामने आए थे। इसी पृष्ठभूमि में रजिस्ट्रार सलीम बक्स मंडल को हटाए जाने के फैसले को देखा जा रहा है।
हालांकि, उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों या उन्हें हटाने के सटीक प्रशासनिक कारणों को लेकर अंतिम स्थिति संबंधित आधिकारिक दस्तावेजों और आदेश के आधार पर ही स्पष्ट होगी।
अब छह महीने संभालेंगे देवजीत दत्त
सलीम बक्स मंडल के हटने के बाद इतिहास विभाग के प्रोफेसर देवजीत दत्त को छह महीने के लिए रजिस्ट्रार की जिम्मेदारी दी गई है। विश्वविद्यालय प्रशासन के लिए आने वाले महीने इसलिए भी महत्वपूर्ण होंगे, क्योंकि इस दौरान नियमित शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ प्रशासनिक कामकाज को भी सुचारु बनाए रखना चुनौती होगी।
वहीं, फाइनेंस ऑफिसर के रूप में इंद्रजीत बंद्योपाध्याय की नियुक्ति से विश्वविद्यालय के वित्तीय प्रशासन में भी बदलाव होगा।
कुल मिलाकर, जादवपुर विश्वविद्यालय में रजिस्ट्रार और फाइनेंस ऑफिसर के पद पर हुए इस बदलाव ने एक बार फिर विश्वविद्यालय प्रशासन और कैंपस की राजनीति को सुर्खियों में ला दिया है।
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