महंगाई और बेरोज़गारी के खिलाफ सड़कों पर उतरे लोग, बच्चों समेत कई प्रदर्शनकारी मारे गए
तेहरान | 7 जनवरी 2026: ईरान में आर्थिक संकट, बढ़ती महंगाई और बेरोजगारी के खिलाफ पिछले कुछ दिनों से जारी विरोध प्रदर्शन अब हिंसक रूप ले चुके हैं। स्थानीय और अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट्स के अनुसार, महज 24 घंटे के भीतर करीब 27 प्रदर्शनकारियों की मौत हो चुकी है, जिनमें 18 साल से कम उम्र के 5 बच्चे भी शामिल हैं।
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में मंगलवार रात ईरान के इलम प्रांत के अबदानान शहर में बड़ी संख्या में लोग सड़कों पर उतरे दिखे, जहां छोटे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक परिवारों के साथ मार्च कर रहे हैं और नारे लगा रहे हैं। वीडियो में ऊपर आसमान में हेलीकॉप्टर मंडराते भी दिखे।

बीते एक हफ्ते से ईरान के कई हिस्सों में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में मंगलवार रात इलम प्रांत के अबदानान शहर में हजारों लोग सड़कों पर उतरते दिखाई दिए।
ईरान में आर्थिक संकट के मुख्य कारण
- बढ़ती महंगाई और मुद्रास्फीति
- बेरोजगारी और आर्थिक प्रतिबंधों का असर
- ईंधन, बिजली और राशन की कमी
- युवाओं में बढ़ता असंतोष
यह प्रदर्शन ईरान में पिछले कुछ महीनों से जारी आर्थिक और सामाजिक असंतोष का सबसे बड़ा रूप है। स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है, और कई इलाकों में इंटरनेट और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाए गए हैं।
प्रदर्शनकारियों में महिलाएं, बुजुर्ग और छोटे बच्चे भी शामिल थे, जो अपने परिवारों के साथ मार्च करते हुए सरकार के खिलाफ नारे लगा रहे थे।
वीडियो में आसमान में मंडराते हेलीकॉप्टर और भारी संख्या में तैनात सुरक्षा बल साफ दिखाई देते हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों की संख्या कहीं ज्यादा नजर आई।
नॉर्वे स्थित एक अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन के मुताबिक, सुरक्षा बलों द्वारा की गई फायरिंग और कार्रवाई में 27 प्रदर्शनकारियों की जान गई है। संगठन का दावा है कि कई इलाकों में जरूरत से ज्यादा बल प्रयोग किया गया।
एक पुलिसकर्मी की भी मौत
ईरानी सरकार ने भी हिंसा की पुष्टि करते हुए कहा है कि झड़पों में सुरक्षा बलों को भी नुकसान हुआ है। सरकारी मीडिया के अनुसार, मंगलवार को एक पुलिसकर्मी की गोली लगने से मौत हो गई। अधिकारियों का कहना है कि पहले मारे गए प्रदर्शनकारियों के अंतिम संस्कार के दौरान हालात और बिगड़ गए, जिसके बाद हिंसक झड़पें हुईं।
खामेनेई का सख्त रुख
ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने इस सप्ताह पहली बार सार्वजनिक तौर पर इन घटनाओं पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने सख्त लहजे में कहा कि “उपद्रवियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा” और सुरक्षा बलों को सख्ती से हालात काबू में करने के निर्देश दिए।
राजधानी तेहरान तक फैला विरोध
28 दिसंबर को जिन इलाकों में सबसे पहले विरोध शुरू हुआ था, वहां अब भी तनाव बना हुआ है। उस दिन व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर प्रदर्शन किया था। मंगलवार को राजधानी तेहरान के कई प्रमुख कारोबारी इलाकों में भी विरोध प्रदर्शन देखे गए, जिससे साफ है कि जनता का गुस्सा अब देशव्यापी रूप ले चुका है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया
घटनाओं के सामने आने के बाद एमनेस्टी इंटरनेशनल समेत कई अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने ईरान सरकार की कड़ी आलोचना की है।
एमनेस्टी ने कहा कि प्रदर्शनकारियों पर इस तरह की कार्रवाई अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन है और यह दिखाता है कि सरकार असहमति को दबाने के लिए किस हद तक जा सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर आर्थिक हालात में जल्द सुधार नहीं हुआ, तो ईरान में विरोध प्रदर्शन और तेज़ हो सकते हैं।
ताज़ा समाचार और रोचक जानकारियों के लिए आप हमारे कोलकाता हिन्दी न्यूज चैनल पेज को सब्स्क्राइब कर सकते हैं। एक्स (ट्विटर) पर @hindi_kolkata नाम से सर्च कर, फॉलो करें।






